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G20 Summit: 8 से 10 सितंबर तक दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश घोषित, CM केजरीवाल ने प्रस्ताव किया मंजूर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 22, 2023, 09:09 PM IST

G20 Summit: दिल्ली पुलिस ने 8 सितंबर से 10 सितंबर तक सरकारी छुट्टी घोषित करने के लिए दिल्ली सरकार से सिफारिश की थी। अब मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सितंबर में इन तीन दिनों तक सभी स्कूल-कॉलेज समेत सरकारी व निजी कार्यालय बंद रहेंगे।

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जी20 समिट के दौरान दिल्ली में रहेगी छुट्टी

Photo : BCCL

G20 Summit: देश की राजधनी दिल्ली में 8 सितंबर से 10 सितंबर तक सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। ऐसा जी-20 समिट के मद्देनजर किया गया है। इस दौरान राजधानी दिल्ली के सभी स्कूल-कॉलेज समेत दिल्ली सरकार और एमसीडी के सभी दफ्तर बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी निजी दफ्तर, बैंक, वित्तीय संस्थान, दुकानें और मॉल भी बंद रखे जाएंगे। दरअसल, आगामी जी-20 समिट को लेकर दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ने दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखकर अवकाश घोषित करने की सिफारिश की थी, जिसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंजूरी दे दी है।

बता दें, 8 से 10 सितंबर तक दिल्ली में जी-20 देशों का शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति जो बाइडन, चीन के शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर कई बड़े विदेशी मेहमानों के आने की संभावना है। इन विदेशी मेहमानों के होटलों के कमरे भी बुक कर दिए गए हैं।

ऑनलाइन मोड पर हो सकता है काम

सूत्रों का कहना है कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली सरकार स्कूलों व कॉलेजों में ऑनलाइन मोड पर पढ़ाई जारी रखने का आदेश जारी कर सकती है। इसके अलावा दिल्ली के कार्यालयों में ऑनलाइन काम होगा। वहीं ट्रैफिक मूवमेंट सुचारू तरीके से सुनिश्चित करने के लिए कई सड़कों को भी बंद किया जा सकता है, जहां सार्वजनिक व निजी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इस दौरान जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की भी रोक रहेगी।

ज्यादा भीड़ वाले बाजारों में होगी कड़ी सुरक्षा

जी-20 के आयोजन के वक्त दिल्ली के भीड़-भाड़ वाले बाजारों में कड़ी सुरक्षा मौजूद रहेगी। खास तौर पर दिल्ली हाट, चांदनी चौक, खान मार्केट, कनॉट प्लेस, मालचा मार्ग मार्केट जैसी जगहों पर उच्च सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। एमसीडी ने इसके मद्देनजर इन बाजारों को 16 अगस्त से 26 प्रमुख मार्गों को साफकरने की विशेष योजना भी तैयार की है। जिन मार्गों पर विशेष सफाई की जाएगी उसमें मथुरा रोड, भैरों मार्ग, सचिवालय रोड, किला रोड, लोधी रोड, मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग, सूरज कुंड रोड और महात्मा गांधी रोड शामिल है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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