Delhi Students Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक प्रदर्शन के दौरान 130 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि करीब 65 छात्र भी घायल हुए हैं। मामले में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर और उसके आसपास प्रतिदिन औसतन करीब 10,000 लोगों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
FRS कैमरों से संदिग्धों की पहचान का दावा
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों की मदद से जंतर-मंतर आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक 2,000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि इन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिसकर्मियों पर हमले और कथित तौर पर हथियार बरामद होने की घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है और प्रदर्शन स्थल पर आने वाले लोगों की जांच भी की जा रही है।
भीड़ ने सीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत को घेरा
बताते चलें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन के दौरान शनिवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब भीड़ ने एसीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत को कथित तौर पर घेर लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद डीसीपी IFSO विनीत कुमार और एसीपी राजौरी गार्डन शरत चंद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, जब एसीपी विवेक भगत भीड़ के बीच फंस गए, तभी डीसीपी विनीत कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को हटाते हुए उन्हें सुरक्षित निकाला। इसी दौरान डीसीपी के ऑपरेटर हेड कॉन्स्टेबल राहुल पर भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में हेड कॉन्स्टेबल राहुल के पेट में चाकू लग गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। फिलहाल उनका उपचार जारी है।
