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Delhi Liquor Policy Case: BRS नेता के कविता को झटका, राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI हिरासत 23 अप्रैल तक बढ़ाई

Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता को 23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई की कस्टडी खत्म होने के बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था।

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राउज एवेन्यू कोर्ट ने बढ़ाई BRS नेता के कविता की हिरासत

Photo : ANI

Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को उत्पाद शुल्क नीति मामले में भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता के कविता को 23 अप्रैल, 2024 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने सोमवार को के कविता को 23 अप्रैल, 2024 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया, यह देखते हुए कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले में उनकी हिरासत रिमांड नहीं चाहती थी।

सीबीआई ने अदालत से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध करते हुए कहा कि के कविता सहयोग नहीं कर रही हैं। सुनवाई की पिछली तारीख पर अदालत द्वारा दी गई तीन दिन की रिमांड की समाप्ति पर कविता को अदालत के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने के कविता को सीबीआई रिमांड पर भेजते हुए कहा कि जांच एजेंसी द्वारा अब तक एकत्र की गई सामग्री से ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपियों से विस्तृत और निरंतर पूछताछ की आवश्यकता है। अदालत ने कहा, जांच एजेंसी रिकॉर्ड से यह दिखाने में सक्षम रही है कि अब तक एकत्र किए गए सबूतों और गवाहों से मामले में बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए कुछ पहलुओं पर कई आरोपियों से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

बीआरएस नेता के कविता को पिछले हफ्ते केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया था। ईडी मामले में न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। वकील नितेश राणा, दीपक नागर और मोहित राव के साथ मामले में के कविता की ओर से पेश हुए। इससे पहले, सीबीआई रिमांड आवेदन में कहा गया था कि कविता कल्वाकुंतला को तत्काल मामले में गिरफ्तार करने की आवश्यकता थी ताकि उसे सबूतों और गवाहों के साथ सामना करने के लिए हिरासत में पूछताछ की जा सके ताकि आरोपियों, संदिग्ध व्यक्तियों के बीच तैयार की गई बड़ी साजिश और कार्यान्वयन के बारे में पता लगाया जा सके।

15 मार्च को BRS नेता के कविता को किया गया था गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित शराब नीति घोटाले के मामले में 15 मार्च, 2024 को तेलंगाना विधान परिषद की एमएलसी के कविता को गिरफ्तार किया। जुलाई में दायर दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसमें प्रथम दृष्टया जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, लेनदेन व्यवसाय नियम (TOBR) -1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम -2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम -2010 का उल्लंघन दिखाया गया था। ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया था कि उत्पाद शुल्क नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं की गईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ाया गया।

जांच एजेंसियों ने कहा कि लाभार्थियों ने आरोपी अधिकारियों को अवैध लाभ पहुंचाया और जांच से बचने के लिए उनके खाते की किताबों में गलत प्रविष्टियां कीं। आरोपों के मुताबिक, उत्पाद शुल्क विभाग ने तय नियमों के विपरीत एक सफल निविदाकर्ता को करीब 30 करोड़ रुपये की धरोहर राशि लौटाने का फैसला किया था। जांच एजेंसी ने कहा कि भले ही कोई सक्षम प्रावधान नहीं था, फिर भी कोविड-19 के कारण 28 दिसंबर, 2021 से 27 जनवरी, 2022 तक निविदा लाइसेंस शुल्क पर छूट की अनुमति दी गई और 144.36 करोड़ रुपये का कथित राजकोष नुकसान हुआ।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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