AI Summit Protest: दिल्ली के भारत मंडपम में प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के सदस्यों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ आवश्यक है, ताकि घटनाक्रम, संभावित साजिश और अन्य जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और पुलिस को आवश्यक समय दिया जाना चाहिए।
कस्टडी में आरोपियों से होगी पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कस्टडी अवधि के दौरान आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। वहीं, बचाव पक्ष ने संकेत दिया है कि वे उच्च अदालत में जमानत के लिए अपील कर सकते हैं। बता दें कि पुलिस ने शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वैश्विक नेताओं एवं जानी-मानी हस्तियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ और देश विरोधी नारे लगाए गए।
प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने कोर्ट से कहा कि प्रदर्शनकारियों के अन्य साथियों को पकड़ने के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच करने की जरूरत है। यह पता करना जरूरी है कि क्या उन्हें कहीं से फंडिंग मिली क्योंकि चार लोग अलग-अलग जगहों से आए और टी-शर्ट प्रिंट कराया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की योजना देश में नेपाल की तरह बवाल करानी की थी।
आरोपियों ने क्या दी सफाई?
आरोपियों के वकील ने कोर्ट से कहा कि आरोपी एक राजनीतिक दल से संबंध रखते हैं। इन्होंने अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत मंडपम में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। कोई हिंसा नहीं हुई। लेकिन इन पर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उनसे सात वर्ष की सजा हो सकती है।
चार आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार चार लोगों की पहचान कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है।
