Mizoram Landslide : चक्रवात रेमल से मिजोरम में भारी बारिश हुई है। मंगलवार को आइजोल के अलग-अलग इलाकों में हुए भूस्खलन में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। चक्रवात की वजह से राज्य में तेज हवाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा है कि राज्य में सुबह 11.15 तक 15 लोगों की जान गई है। उन्होंने बताया कि जिले के मेल्थुम और ह्लीमेन के बीच एक खदान से 11 शव निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मलबे में और शव दबे हो सकते हैं।
राज्य सरकार ने मंजूर किए 15 करोड़ रुपए
सीएम ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की भरपाई एवं राहत कार्य चलाने के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को मदद देने का भी भरोसा दिया है। चक्रवाती तूफान कमजोर हो रहा है लेकिन हवा अभी भी तेज है जिसकी वजह से संचार व्यवस्था सुचारु रूप से काम नहीं कर पा रही है। इसकी वजह से राहत कार्य चलाने में दिक्कत हो रही है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार को चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
10 से अधिक लोग मलबे में फंसे
पुलिस महानिदेशक अनिल शुक्ला ने बताया कि अब तक 10 शवों को बरामद किया गया है जबकि कई अन्य लोग मलबे में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए सभी प्रयास जारी हैं। हालांकि, भारी बारिश के कारण अभियान प्रभावित हो रहा है।' पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में से सात स्थानीय हैं जबकि तीन लोग राज्य के बाहर के रहने वाले थे। उन्होंने बताया, 'ऐसा माना जा रहा है कि 10 से अधिक लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं।'
आइजोल देश के बाकी हिस्सों से अलग हुआ
अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण राज्य में कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ है और कम से कम दो लोगों की मौत हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि आइजोल के सेलम वेंग में भूस्खलन से एक इमारत ढह जाने के बाद तीन लोग लापता हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि हुनथर में राष्ट्रीय राजमार्ग छह पर भूस्खलन के कारण आइजोल देश के बाकी हिस्सों से अलग हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा कई अंतर-राज्य राजमार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं।
बारिश के कारण सभी स्कूल बंद कर दिए गए और आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों को छोड़कर सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है।
