Coronavirus Tracker in India: पैर पसारते नए स्ट्रेन के बीच बोले AIIMS के Ex-डायरेक्टर- हमें एक और वैक्सीन की जरूरत है क्योंकि...
Coronavirus Tracker in India: पैर पसारते नए स्ट्रेन के बीच बोले AIIMS के Ex-डायरेक्टर- हमें एक और वैक्सीन की जरूरत है क्योंकि...
क्रिसमस (25 दिसंबर, 2023) और न्यू ईयर (31 दिसंबर, 2023 और एक जनवरी, 2024) से पहले कोरोना का नया स्ट्रेन जेएन.1 जिस तेजी कदर फैला है, उसने हम सबकी चिंता बढ़ाई है। बेशक सरकारें और एक्सपर्ट्स ने इसे हल्का स्ट्रेन करार दिया हो, मगर यह लोगों को बीमार कर रहा है। इस बीच, कोविड-19 को लेकर नया खुलासा हुआ है कि संक्रमण से उबरने के महीनों बाद भी कई मरीजों के मस्तिष्क को पहुंची क्षति और उसमें आई सूजन बरकरार पाई गई। हालांकि, इसका पता लगाने के लिए किए गए ब्लड टेस्ट (रक्त परीक्षण) के परिणाम सामान्य आए। यह दावा एक नए अध्ययन में किया गया है।
ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना वायरस से संक्रमण के सबसे अहम चरण में जब लक्षण तेजी से विकसित होते हैं तब प्रमुख सूजन संबंधी प्रोटीन और मस्तिष्क में जख्म के निशान उत्पन्न होते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने इंग्लैंड और वेल्स के 800 से अधिक अस्पताल में भर्ती मरीजों के नमूनों का विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। अनुसंधानकर्ताओं ने ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ नामक जर्नल में प्रकाशित अपने अध्ययन में कहा कि आश्चर्य की बात है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के महीनों बाद भी कोविड-19 के कारण मस्तिष्क को पहुंची क्षति के मजबूत जैव निशान बने रहते हैं।
