लखनऊ की सांसद/विधायक अदालत में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ शनिवार को एक शिकायत दर्ज कराई गई। आरोप है कि इन नेताओं ने एक कार्यक्रम के दौरान “राष्ट्र-विरोधी” बयान दिया।
मामला क्या है?
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव नृपेंद्र पांडे ने अदालत में शिकायत दायर करते हुए दावा किया कि 15 जनवरी को दिल्ली के कोटला रोड स्थित नए कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन के उद्घाटन के मौके पर राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि वह “अब भाजपा, आरएसएस और भारत राष्ट्र के खिलाफ लड़ रहे हैं।” शिकायतकर्ता के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेता – सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, के.सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश – ने इस बयान का विरोध नहीं किया, जिससे उनकी “मौन सहमति” साबित होती है।
अदालत की कार्यवाही
विशेष अपर मुख्य दंडाधिकारी (एसीजेएम) आलोक वर्मा ने शिकायत का संज्ञान लिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।
शिकायत में लगाए गए आरोप
राहुल गांधी का बयान जानबूझकर देश को अस्थिर करने और विभाजन फैलाने की नीयत से दिया गया। कांग्रेस नेता संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। शिकायत में यहां तक आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी भारत को “इस्लामी राष्ट्र” बनाने की साजिश कर रहे हैं।
