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झटके दर झटके! अब किसी भी राज्य में क्षेत्रीय दलों से गठबंधन नहीं करेगी BSP,मायावती का ऐलान

bsp no alliance with regional party: मायावती ने कहा कि देश की एकमात्र प्रतिष्ठित अंबेडकरवादी पार्टी बीएसपी, उसके आत्म-सम्मान और स्वाभिमान मूवमेंट के कारवां को हर तरह से कमजोर करने की चौतरफा जातिवादी कोशिशें लगातार जारी हैं, जिस क्रम में अपना उद्धार स्वंय करने योग्य और शासक वर्ग बनने की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रखनी जरूरी।

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बसपा प्रमुख मायावती का अहम फैसला

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  1. BSP अब किसी भी राज्य में क्षेत्रीय दलों से गठबंधन नहीं करेगी
  2. बसपा पार्टी प्रमुख मायावती ने फैसला किया है
  3. हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई

bsp no alliance with regional party: हरियाणा विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) को एक भी सीट हासिल न होने के बाद पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने फैसला किया है कि उनकी पार्टी अब किसी भी राज्य में क्षेत्रीय दलों से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि विधानसभा चुनावों में भी गठबंधन के तहत बसपा के वोट दूसरे दल को मिल जाते हैं लेकिन उन दलों द्वारा अपने वोट बसपा को अंतरित नहीं करा पाने की वजह अपेक्षित चुनाव परिणाम नहीं मिलने से पार्टी कार्यकताओं को निराशा एवं उसके फलस्वरूप आंदोलन को संभावित हानि को बचाना जरूरी है, इसीलिए अब पार्टी क्षेत्रीय पार्टियों से गठबंधन नहीं करेगी।

बसपा प्रमुख ने 'एक्स' पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों के चुनाव में भी बसपा के वोट गठबंधन की दूसरी पार्टी को मिल जाने, किन्तु बसपा को अपने वोट दिलाने की क्षमता उनमें (उन दलों में) नहीं होने के कारण अपेक्षित चुनाव परिणाम नहीं मिलने पर पार्टी कार्यकताओं को निराशा एवं उससे आंदोलन को होने वाली हानि को बचाना जरूरी है।'

उन्होंने लिखा,'इसी संदर्भ में हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम एवं इससे पहले पंजाब चुनाव के कड़वे अनुभव के मद्देनजर आज हरियाणा एवं पंजाब की समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय पार्टियों से अब आगे गठबंधन नहीं करने का निर्णय लिया गया, जबकि भाजपा/राजग एवं कांग्रेस/'इण्डिया' गठबंधन से दूरी पहले की तरह ही जारी रहेगी।'

'आंदोलन को हर प्रकार से कमजोर करने की चौतरफा जातिवादी कोशिशें लगातार जारी'

मायावती ने कहा, 'देश की एकमात्र प्रतिष्ठित आंबेडकरवादी पार्टी बसपा एवं उसके आत्म-सम्मान और स्वाभिमान तथा इस आंदोलन को हर प्रकार से कमजोर करने की चौतरफा जातिवादी कोशिशें लगातार जारी हैं।

बसपा नेता ने कहा, 'बसपा विभिन्न पार्टियों/संगठनों एवं उनके स्वार्थी नेताओं को जोड़ने के लिए नहीं है, बल्कि 'बहुजन समाज' के विभिन्न अंगों को आपसी भाईचारा एवं सहयोग के बल पर संगठित कर एक राजनीतिक शक्ति बनाने एवं उनको शासक वर्ग बनाने का आंदोलन है, जिसे अब इधर-उधर में ध्यान भटकाना अति-हानिकारक है।'

हरियाणा में बसपा और इंडियन नेशनल लोकदल इनेलो ने गठबंधन किया था

हाल में हरियाणा विधानसभा आम चुनाव में बसपा और इंडियन नेशनल लोकदल इनेलो ने गठबंधन किया था । लेकिन बसपा का खाता तक नहीं खुला था । परिणाम के बाद मायावती ने कहा था कि हरियाणा विधानसभा आमचुनाव बसपा एवं इनेलो ने मिलकर लड़ा किन्तु परिणाम से स्पष्ट है कि जाट समाज के जातिवादी लोगों ने बसपा को वोट नहीं दिया जिससे बसपा उम्मीदवार कुछ सीटों पर थोड़े वोटों के अन्तर से हार गए, हालांकि बसपा के सभी वोट इनेलो को मिले थे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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