देश के नाम पीएम मोदी का संदेश- लॉकडाउन गया-वायरस नहीं, जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं
PM Modi Bhashan (मोदी स्पीच) LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया और कहा कि कोरोना वायरस को लेकर लोग ढिलाई न बरतें। वायरस अभी गया नहीं है। जब तक वायरस की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक हमें कोरोना से अपनी लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को संबोधित किया है। पीएम मोदी ने कोरोना से जुड़े विषयों पर ही देश की जनता को संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम भारतवासियों ने बहुत लंबा सफर तय किया है। हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो लेकिन वायरस नहीं गया है। अब साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है। जब तक सफलता पूरी न मिल जाए, लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
दो गज की दूरी नहीं भूलें
एक कठिन समय से निकलकर हम आगे बढ़ रहे हैं, थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है, हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है। जीवन की जिम्मेदारियों को निभाना और सतर्कता ये दोनो साथ साथ चलेंगे तभी जीवन में खुशियां बनी रहेंगी दो गज की दूरी, समय-समय पर साबुन से हाथ धुलना और मास्क का ध्यान रखिए।
जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं
जब तक सफलता पूरी न मिल जाए, लापरवाही नहीं करनी चाहिए। जब तक इस महामारी की वैक्सीन नहीं आ जाती, हमें कोरोना से अपनी लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है। बरसों बाद हम ऐसा होता देख रहे हैं कि मानवता को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। अनेक देश इसके लिए काम कर रहे हैं। हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्सीन के लिए जी-जान से जुटे हैं। भारत में अभी कोरोना की कई वैक्सीन्स पर काम चल रहा है। इनमें से कुछ एडवान्स स्टेज पर हैं। कोरोना की वैक्सीन जब भी आएगी, वो जल्द से जल्द प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचे इसके लिए भी सरकार की तैयारी जारी है। एक-एक नागरिक तक वैक्सीन पहुंचे, इसके लिए तेजी से काम हो रहा है। दो गज की दूरी, समय-समय पर साबुन से हाथ धुलना और मास्क का ध्यान रखिए।
लोगों ने सावधानी बरतना बंद कर दिया है
हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें, वीडियो देखे हैं जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है। ये ठीक नहीं है। अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं। आप ध्यान रखिए आज अमेरिका हो या फिर यूरोप के दूसरे देश इन देशों में कोरोना के मामले कम हो रहे थे, लेकिन अचानक से फिर बढ़ने लगे।
लापरवाह होने का समय नहीं है
आज देश में रिकवरी रेट अच्छी है, मृत्यु दर कम है। दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है। कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है। सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर, नर्स, हेल्थ वर्कर्स इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है।
लॉकडाउन चला गया, लेकिन वायरस नहीं
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम भारतवासियों ने बहुत लंबा सफर तय किया है। समय के साथ आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। हम में से अधिकांश लोग, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए, फिर से जीवन को गति देने के लिए, रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं। त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है। लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है।
कोरोना काल में ये सातवां संबोधन
भारत में जब से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई है तब से प्रधानमंत्री छह बार राष्ट्र के नाम संदेश जारी कर चुके हैं। आज उनका सातवां राष्ट्र के नाम संबोधन होगा।
कोरोना पर देश को संबोधित कर सकते हैं पीएम मोदी
ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन कोरोना पर ही केंद्रित रहेगा। पीएम मोदी कोरोना से जुड़े विषयों पर देश की जनता को संदेश दे सकते हैं।

