भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 मैच की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। यह मंधाना की कप्तानी में भारतीय टीम की पहली जीत है। भारत के सामने 103 रन का लक्ष्य था, जिसे उसने 67 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दी। दोनों ने 48 गेंद में 96 रन की साझेदारी की और भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। शेफाली ने 220 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए केवल 25 गेंद में 6 चौके और 4 छक्के की मदद से 55 रन की पारी खेली। मंधाना 25 गेंद में 47 रन की पारी खेलकर नाबाद रहीं।
शेफाली वर्मा ने एक पारी से तोड़े 3 रिकॉर्ड
शेफाली पहले मैच में चूक गई थी और 2 गेंद में 4 रन बनाकर आउट हो गईं थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में उन्होंने ना केवल फॉर्म में वापसी की बल्कि अपने टी20 करियर का 38वां अर्धशतक भी जड़ दिया। उन्होंने इस पारी के दम पर 3 बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
1. एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक फिफ्टी प्लस स्कोर
शेफाली ने 55 रन की इस पारी के दम पर पहला बड़ा रिकॉर्ड फिफ्टी प्लस स्कोर का बनाया। एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने के मामले में उन्होंने अपनी कप्तान मंधाना को पीछे छोड़ दिया। शेफाली का इस साल यह 9वां फिफ्टी प्लस स्कोर था और अब वह मंधाना के 8 फिफ्टी प्लस स्कोर से आगे निकल गईं।
2. बनी सबसे सफल जोड़ी
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस साझेदारी के दम पर मंधाना और शेफाली एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक फिफ्टी प्लस स्कोर करने के मामले में सबसे सफल जोड़ी बन गई। यह 9वां मौका था जब मंधाना और शेफाली ने पहले विकेट के लिए फिफ्टी प्लस की साझेदारी की। इस जोड़ी ने यास्मिन दसानी और नताशा माइल्स की जोड़ी को पीछे छोड़ दिया। दोनों ने इसी साल हांगकांग के लिए 8 फिफ्टी प्लस की साझेदारी की थी।
3. शेफाली ने रच दिया इतिहास
55 रन की इस पारी के दम पर शेफाली ने 2026 में 900 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। वह पहली महिला खिलाड़ी बन गईं हैं जिन्होंने एक कैलेंडर ईयर में 9,00 या इससे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने इस साल 922 रन बनाए हैं।
