Bihar Government Floor Test Updates:नीतीश सरकार ने ध्वनि मत से जीता विश्वास प्रस्ताव, बीजेपी ने किया वॉकआउट
Bihar Govt Floor Test Result Today Hindi News Updates: बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली महागठबंधन की सरकार ने विश्वास मत हासिल किया। सस्पेंस इस बात पर था कि क्या स्पीकर विजय सिन्हा इस्तीफा देंगे या नहीं, लेकिन सदन में विजय सिन्हा आए और कहा कि अविश्वास का प्रस्ताव असंवैधानिक था और कई प्रसंगों का जिक्र करते हुए अंत में अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
Bihar Govt Floor Test Today Live News Updates: 243 सदस्यीय विधानसभा में सरकार का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या बढ़कर 165 हो गई, जब मंगलवार को एकल सदस्यीय एआईएमआईएम ने महागठबंधन सरकार को अपना समर्थन देने का फैसला किया। सदन की प्रभावी ताकत 241 है क्योंकि दो सीटें खाली हैं। इससे पहले, सात पार्टियों के कुल 163 विधायकों और एक निर्दलीय विधायक (सुमित कुमार सिंह) ने नीतीश को अपना समर्थन दिया था, जब उन्होंने 9 अगस्त को नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। - महागठबंधन का नेतृत्व किया। नई सरकार का समर्थन करने वाले आठ राजनीतिक दल राजद (79), जद-यू (45), कांग्रेस (19), भाकपा-माले (12), एचएएमएस (04), भाकपा (02), सीपीएम (02) और एआईएमआईएम हैं। 01)। इनके अलावा निर्दलीय विधायक और मंत्री सुमित कुमार सिंह ने भी नीतीश कुमार को समर्थन दिया।
नीतीश सरकार ने ध्वनि मत से जीता विश्वास प्रस्ताव, बीजेपी ने किया वॉकआउट
बीजेपी के वॉकआउट के बीच महागठबंधन सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास प्रस्ताव जीता लिया। विस्वास मत के दौरान विधानसभा में सत्ता पक्ष ने 160 विधायक मौजूद थे। जबकि विपक्ष से सभी विधायक बाहर चले गए थे। डिप्टी सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार ने विधानसभा में महागठबंधन के लिए विश्वास मत के जरिये देश को विशेष संदेश दिया है।
तेजस्वी पर लगे आरोपों के 5 साल हो गए, अब तक साबित नहीं हुए, विधानसभा में बोले सीएम नीतीश कुमार
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि बीजेपी सम्मान के लायक नहीं है। 2005 के चुनाव में बीजेपी को जिताया। तेजस्वी पर लगे आरोपों के 5 साल हो गए। आरोप अब तक साबित नहीं हुए। आज कल प्रचार सिर्फ दिल्ली का हो रहा है। चुनाव के समय मेरे ऊपर दबाव था। बीजेपी ने जेडीयू को तोड़ने की कोशिश की। हमने बिहार में गांव-गांव तक विकास किया। अटल-अडवाणी हमको बहुत मानते थे। अटल जी के समय में बिहार में सड़कें बनीं। बीजेपी प्रचार प्रसार में एक्सपर्ट थी। चुनाव संस्थानों पर बीजेपी का कब्जा है। बिहार की जनता ने बीजेपी को मौका नहीं दिया। बिहार विधानसभा से बीजेपी ने वॉकआउट हुआ। दिल्ली से सिर्फ प्रचार हो रहा है, काम कुछ नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में जब मैंने पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने की मांग की तो किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब आप (केंद्र सरकार) अपने काम का विज्ञापन करने के लिए ऐसा ही करेंगे। सोशल मीडिया और प्रेस पर उनका नियंत्रण है। सब सिर्फ केंद्र के काम की चर्चा कर रहे हैं। बीजेपी समाज में बिना मतलब टकराव पैदा करती है। हम हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम करते रहेंगे। 2024 में हम एक होकर चुनाव लड़ेंगे। देश में प्रेम भाई चारा बना रहना चाहिए।
जहां कहीं भी फिसलन होती है बीजेपी तीन जमाई ED, CBI, IT को सामने लाती है: तेजस्वी
डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने BIHAR विधान सभा में कहा कि बीजेपी अपने तीन जमाई (दामाद) ईडी, सीबीआई और आईटी को जहां कहीं भी फिसलन वाली जमीन पर पाती है, उसे सामने रखती है। उन्होंने गुरुग्राम मॉल के लिए 'गोदी मीडिया' की खिंचाई। उन्होंने दावा किया कि मॉल का उद्घाटन बीजेपी सांसद ने किया था। साथ ही उन्होंने कहा कि जब लालू रेल मंत्री थे तब उन्होंने रेलवे को लाभदायक बनाया, तेजस्वी ने कहा कि वह आईआरसीटीसी घोटाले के बारे में चिल्ला रहे थे। उन्होंने नीरव मोदी, मेहुल चौकसी के नाम का जिक्र है। उन्होंने केंद्र सरकार हमला करते हुए कहा कि बिहारी डरने वाला नहीं है, क्षेत्रीय दलों के भाग्य पर हालिया बयान के लिए बीजेपी प्रमुख की खिंचाई की।
फ्लोर टेस्ट का छापेमारी से संबंध नहीं- बीजेपी
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि सीबीआई के छापे से फ्लोर टेस्ट का लेना देना नहीं है। किसी विधायक के यहां छापेमारी नहीं हुई है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू
बिहार विधानसभा की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हो चुकी है। विधानसभा स्पीकर विजय सिन्हा के इस्तीफे के बाद सदन की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। विधानसभा में डिप्टी स्पीकर ने कहा कि सदन को नियमों के हिसाब से चलाया जाएगा।
स्पीकर के इस्तीफे के बाद डिप्टी स्पीकर निभाएंगे सभी जिम्मेदारी
Bihar विधान सभा के उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने कहा कि सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। नियमों के अनुसार, अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद, विधानसभा का सारा काम उपाध्यक्ष द्वारा संभाला जाएगा।
सीबीआई छापों पर तेजस्वी यादव, सदन में देंगे जवाब
सीबीआई छापों के बारे में बिहार कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से जब पूछा गया तो उनका जवाब था कि सभी सवालों का जवाब सदन में देंगे। बता दें कि आज नीतीश कुमार सरकार को विश्वास मत के दौर से गुजरना है।
'चेयर पर संदेह जताने का मतलब क्या था'
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह कुर्सी 'पंच परमेश्वर' है। सभापीठ पर संदेह जताकर आप क्या संदेश देना चाहते हैं? लोग करेंगे फैसला:, मैं आपको बताना चाहता हूं कि आपका अविश्वास प्रस्ताव (उनके खिलाफ - अध्यक्ष) अस्पष्ट है। नौ में से आठ लोगों के पत्र, जो प्राप्त हुए, नियमानुसार नहीं थे।
स्पीकर विजय सिन्हा ने दिया इस्तीफा
विधानसभा के स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि वो नियम के तहत ही काम कर रहे हैं। हमेशा नियमों के तहत ही काम किया है। स्पीकर ने कहा कि उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव असंवैधानिक है। स्पीकर ने कहा कि वो इस्तीफा देने वाले ही थे। लेकिन उनके ऊपर गलत आरोप लगाए गए। मुझे हटाने के लिए कुछ विधायकों ने संकल्प लिया था। इस तरह के बयानों के साथ ही स्पीकर विजय सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। बता दें कि सदन के इस विशेष सत्र में फ्लोर टेस्ट के साथ साथ विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।
डराने की कोशिश, बहुमत हमारे पास- राबड़ी देवी
बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सीबीआई छापेमारी पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सब डराने की कोशिश हो रही है। बहुमत, महागठबंधन के पक्ष में है। किसी ना किसी रूप में बीजेपी बदनाम करने की कोशिश कर रही है। लेकिन उसके नेता अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। देश को हमने नहीं बीजेपी ने लूटा। देश की जनता सब देख रही है।
विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के आसार
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा द्वारा उनके खिलाफ सत्तारूढ़ महागठबंधन के विधायकों के अविश्वास प्रस्ताव के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार करने के बीच, प्रदेश में नवगठित सरकार के विश्वास मत हासिल करने के लिए बुधवार को बुलाए गए सदन के विशेष सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़कर सात पार्टी के महागठबंधन के साथ मिलकर 10 अगस्त को प्रदेश में नई सरकार बना ली। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद महागठबंधन के 50 विधायकों ने सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।बिहार विधानसभा के बुधवार को आयोजित होने वाले विशेष सत्र के दौरान नई महागठबंधन सरकार शक्ति प्रदर्शन करेगी। महागठबंधन के पास बहुमत के आंकड़े (122) से अधिक यानी 164 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 76 विधायक हैं।नई सत्तारूढ़ सरकार के अविश्वास प्रस्ताव के बावजूद सिन्हा के इस्तीफा देने से इनकार करने के कारण विशेष सत्र की शुरुआत हंगामेदार रहने के आसार हैं।भाजपा नेता नितिन नबीन ने कहा, ‘‘हमने विधानसभा में विपक्ष के नेता पर फैसला नहीं किया है। यह एजेंडे में शीर्ष पर नहीं है। हम ‘‘पल्टू’’ कुमार और पिछले दरवाजे से बनी इस नई सरकार को बेनकाब करने की उम्मीद कर रहे हैं, जो अविश्वास प्रस्ताव लाई है।’’
महागठबंधन में राष्टीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा माले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) माकपा और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अलावा एक निर्दलीय विधायक तथा मुख्यमंत्री की पार्टी जदयू शामिल है। महागठबंधन के पास 243 सदस्यीय सदन में कुल 164 विधायक हैं। ऐसे में महागठबंधन के पास सदन अध्यक्ष को पद से हटाने और नया अध्यक्ष चुनने एवं सदन में बहुमत साबित करने के लिए प्रयाप्त संख्या बल है।
सीबीआई की छापेमारी पर सियासत तेज
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि बीजेपी के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि यह सब तो पहले से निश्चित है कि इस तरह की अड़चनें पैदा की जाएगी। लेकिन बीजेपी का कहना है कि छापेमारी को अलग घटना के तौर पर नहीं देख सकते हैं। छापों की कड़ी में ही इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि नौकरी के बदले जमीन घोटाले में लालू प्रसाद यादव के करीबी भोला यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है। बता दें कि आरजेडी के पूर्व विधायक के यहां भी रेड हुई है।
कार्रवाई का कोई मतलब नहीं- आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह
आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि रेड का कोई अर्थ नहीं है। विरोधियों को परेशान करने की साजिश है। जानबूझकर कार्रवाई की जा रही है। लेकिन वो इस तरह की छापेमारी से डरने वाले नहीं हैं। कार्रवाई का कोई मतलब नहीं है।
फ्लोर टेस्ट से पहले आरजेडी एमएलसी के यहां सीबीआई छापा
बहुमत परीक्षण से ऐन पहले राजद MLC सुनील सिंह के यहां सीबीआई छापा, बाहर धरने पर बैठ बोले- ये बदनाम करने की साजिश। नौकरी के बदले जमीन घोटाले में छापेमारी की जा रही है। राज्यसभा सांसद अशफाक करीम के यहां भी छारेमारी हुई है। बता दें कि आज विश्वासमत परीक्षण के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा और फैसला होना है।
'स्पीकर को हटाने पर हो पहले चर्चा'
बुधवार को विधानसभा में कार्य सूची के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष के उद्घाटन भाषण और विभिन्न सदन समितियों की रिपोर्ट को पटल पर रखने के बाद विश्वास मत प्राप्त करने के मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को सदन में लिया जाएगा।हालांकि, सत्तारूढ़ महागठबंधन ने मांग की है कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को पहले स्थान पर लिया जाए और अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने की अनुमति न दी जाए।
'नैतिकता का पालन करें स्पीकर'
स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि वह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद के दायित्व से बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए व्यक्तिगत सम्मान से ऊपर लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रखना है। यह विधानसभा का अध्यक्ष होने के नाते मेरा कर्तव्य भी है।उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष के समर्थन में भाजपा के 76 सदस्य हैं, जबकि सत्ता पक्ष के 164 विधायक उनके खिलाफ एकजुट हैं।इधर, विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने कहा कि अध्यक्ष को नैतिकता का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके विरूद्ध में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है वह आसन पर नहीं बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि सदन अंकों का खेल है।
इस्तीफा नहीं देंगे- विधानसभा स्पीकर
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने साफ तौर पर कहा कि इस्तीफा नहीं दूंगा, अविश्वास प्रस्ताव झूठे आरोपों पर आधारित है।अविश्वास प्रस्ताव के कारण इस्तीफा देने से मेरे आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचेगी

