Azamgarh, Rampur By Election 2022: मतदान बीच बोले आजम खान, हां- मैं अपराधी हूं
उत्तर प्रदेश की दो अहम लोकसभा सीटों आजमगढ़ और रामपुर पर उपचुनाव के तहत आज वोट डाले गए। ये सीटें बीजेपी के साथ साथ समाजवादी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय हैं। इन दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा रहा है। करहल से विधायक चुने जाने के बाद अखिलेश यादव ने आजमगढ़ सीट से इस्तीफा दे दिया था। इस बीच समाजवादी पार्टी ने रामपुर पुलिस पर आरोप लगाया है कि वो बीजेपी के पक्ष में मतदान के लिए दबाव बना रही है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और रामपुर (Rampur) लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। ये दोनों सीटें प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सांसदों क्रमशः अखिलेश यादव और आजम खान के विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के कारण लोकसभा से इस्तीफा देने की वजह से खाली हुई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 23 जून को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा।आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा क्षेत्र सपा के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। आजमगढ़ सीट से अखिलेश यादव से पहले उनके पिता मुलायम सिंह यादव सांसद थे। इसलिये इस सीट का उपचुनाव सपा के लिये प्रतिष्ठा का सवाल है। दूसरी ओर, रामपुर लम्बे समय से आजम खां का प्रभाव क्षेत्र रहा है और पार्टी ने रामपुर लोकसभा सीट
मतदान बीच बोले आजम खान, हां मैं अपराधी हूं
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोकसभा उपचुनाव की पूर्व संध्या पर आजमगढ़ और रामपुर संसदीय सीटों पर कहर बरपाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सपा लोकसभा उम्मीदवार के साथ दुर्व्यवहार किया। अगर मतदान प्रतिशत में गिरावट आती है, तो पुलिस को दोषी ठहराया जाना चाहिए। मैं पूरी रात जागता रहा। हम विभिन्न पुलिस थानों में गए और इंस्पेक्टर ने बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रात भर कहर बरपाया। जीप और सायरन रामपुर में हर जगह थे, वे लोगों को पुलिस थानों में ले गए और उनके साथ मारपीट की और मैंने पैसे देने के बारे में भी सुना है। यह शर्मनाक है।
आजम खान ने कहा कि "मैं एक अपराधी हूं, मुझे स्वीकार है। इसलिए मेरे शहर को भी ऐसा ही माना गया है। वे जो चाहें कर सकते हैं, हमें सहना होगा। अगर मुझे रहना है, तो मुझे सहना होगा।"आजम खान अपने खिलाफ दर्ज 89 मामलों में लगभग 27 महीने बिताने के बाद पिछले महीने जेल से रिहा हुए थे।आजमगढ़ और रामपुर में मतदान जारी है।
2019 में दिनेश लाल यादव की करीब साढ़े तीन लाख से हुई थी हार
भाजपा ने आजमगढ़ सीट पर हो रहे उपचुनाव में भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को एक बार फिर मैदान में उतारा है। वहीं, सपा ने बदायूं से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली पर दांव लगाया है।आजमगढ़ में मुख्य मुकाबला इन्हीं तीनों के बीच माना जा रहा है। वैसे, क्षेत्र में कुल 13 उम्मीदवार उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में यादव और मुस्लिम मतदाताओं का अच्छा-खासा प्रभाव है। यहां यादव मतदाताओं की तादाद 21%, जबकि मुस्लिम वोटरों की आबादी 15% के करीब है। इसके अलावा, 20% दलित और 18% अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के गैर-यादव मतदाता मौजूद हैं।वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। उस समय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को तीन लाख 61 हजार मतों से पराजित किया था।
वहीं, रामपुर लोकसभा क्षेत्र में 17 लाख से अधिक मतदाता हैं। क्षेत्र के 50% वोटर हिंदू और करीब 49% मतदाता मुस्लिम हैं। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार आजम खान ने भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को एक लाख नौ हजार 997 मतों के भारी अंतर से हराया था।रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सीधा मुकाबला सपा के आसिम राजा और भाजपा के घनश्याम सिंह लोधी के बीच है। लोधी पूर्व में आजम खान के करीबी रह चुके हैं। उन्होंने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है।
रामपुर पुलिस वोटर्स पर बना रही है बेजा दबाव-समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव आयोग को एक पत्र भेजकर रामपुर पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। सपा का कहना है कि उपचुनाव में भाजपा को वोट देने के लिए पुलिस लोगों पर दबाव बना रही है।रामपुर उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हो रहा है।पत्र में सपा के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार सिंह ने कहा है कि रामपुर पुलिस सुआर, टांडा और दरयाल क्षेत्रों में सपा समर्थकों और मतदाताओं को उठा रही है, ताकि इलाके में भय का माहौल पैदा हो सके।अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी स्थिति में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होगा।सपा ने चुनाव आयोग से मामले में तत्काल कार्रवाई करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
आजमगढ़ में त्रिकोणीय मुकाबला
उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान बृहस्पतिवार सुबह सात बजे शुरू हो गया। आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटें प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों क्रमशः अखिलेश यादव और आजम खान के विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई हैं।रामपुर से भाजपा ने घनश्याम सिंह लोधी को मैदान में उतारा है, जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए हैं, जबकि सपा ने असीम रजा को टिकट दिया है। मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) रामपुर से चुनाव नहीं लड़ रही है।आजमगढ़ में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां से भाजपा ने लोकप्रिय भोजपुरी गायक एवं अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को मैदान में उतारा है। वहीं, सपा से धर्मेंद्र यादव और बसपा से शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं।पिछले विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी चार विधानसभा सीट मुबारकपुर, सागदी, गोपालपुर और मेहनगर पर सपा ने जीत हासिल की थी।
मतदान की रफ्तार धीमी
आजमगढ़ और रामपुर में मतदान की रफ्तार धीमी है। विपक्षी समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाली लोकसभा सीटों आजमगढ़ और रामपुर में उपचुनाव में 35 लाख से अधिक लोग उपचुनाव में मतदान करने के पात्र हैं और 19 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।आजमगढ़ सीट पर उपचुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के इस्तीफे के कारण हुआ था, जो इस साल के शुरू में हुए चुनावों में विधायक के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे। रामपुर सीट सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने खाली की थी, जो भी राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे।
बीएलओ ने पहना भगवा ड्रेस, आजमगढ़ में विवाद
बीएलओ द्वारा भगवा ड्रेस पहन कर पर्ची बांटने पर आजमगढ़ के एक ड्यूटी केंद्र पर बवाल हो गया। बवाल के बाद बीएलओ ने भगवा कपड़े को चेंज किया। बीएलओ का कहना है कि वो किसी के समर्थन में काम नहीं कर रही हैं। वो अपना ड्यूटी कर रही हैं। 15 अगस्त और 26 जनवरी को पहनने के लिए यह ड्रेस था। लेकिन उन लोगों से गलती यह हुई कि उन्होंने मतदान के दिन भगवा ड्रेस पहन लिया।
11 बजे तक करीब 19 फीसद मतदान
आजमगढ़ और रामपुर में चुनाव में मतदान की प्रक्रिया धीमी है। 11 बजे तक आजमगढ़ में करीब 19 फीसद और रामपुर में 18 फीसद मतदान दर्ज किया गया है।
एसपी के लिए प्रतिष्ठा वाली लड़ाई
आजमगढ़ और रामपुर दोनों सीटें बीजेपी और सपा के लिए प्रतिष्ठा वाली बन गई हैं। समाजवादी पार्टी के लिए यह सीटें इसलिए अहम हैं क्योंकि मौजूदा समय में भी यह सीटें एसपी के कब्जे में रही हैं। आजमगढ़ से धर्मेंद्र प्रधान जो अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं अपनी किस्मत आजमां रहे हैं।
आजमगढ़ में 9 और रामपुर में अब तक 7 फीसद मतदान
आजमगढ़ और रामपुर दोनों जगह मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। आजमगढ़ में सुबह 9 बजे तक करीह 9 फीसद मतदान और रामपुर में सात फीसद मतदान दर्ज किया गया है।
मतदान के बीच आजम खान ने लगाए संगीन आरोप
सपा नेता आजम खान ने कहा कि यदि मतदान प्रतिशत (लोकसभा उपचुनावों के लिए) गिरता है तो दोष सरकार पर भी है। उन्होंने रातों-रात तबाही मचा दी। जीप और सायरन शहर (रामपुर) में हर जगह थे। वे लोगों को पुलिस थाने ले गए, उन्हें पीटा और मैंने कुछ मनी ट्रांसफर के बारे में भी सुना है। यह शर्मनाक है।मैं पूरी रात उठा हूँ। हमारे लोकसभा उम्मीदवार गंज थाना, कोतवाली थाना, सिविल लाइंस थाना गए थे। सबसे अभद्र व्यवहार गंज थानाध्यक्ष का था उन्होंने हिंसा भी की थी।
मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में डाला वोट
रामपुर में बीजेपी नेता मुखत्रा अब्बास नकवी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जीत बीजेपी की होने जा रही है। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे पीएम मोदी और तीनों सेना प्रमुखों पर भरोसा करें। भाजपा सरकार आपके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमें अपने युवाओं की राष्ट्रवाद और देशभक्ति में विश्वास है।
आसिफ रजा,घनश्याम सिंह लोधी के बीच मुकाबला
रामपुर लोकसभा क्षेत्र में 17 लाख से अधिक मतदाता हैं। यहां 50 प्रतिशत हिंदू मतदाता और करीब 49 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार आजम खां ने भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को एक लाख नौ हजार 997 मतों के भारी अंतर से पराजित किया था। रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सीधा मुकाबला सपा के आसिम राजा और भाजपा के घनश्याम सिंह लोधी के बीच है। लोधी पूर्व में आजम खां के करीबी थे। उन्होंने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है
आजमगढ़ में MY समीकरण का जोर
यहां यादव वोटरों की तादाद 21 प्रतिशत है जबकि मुस्लिम मतदाता 15प्रतिशत हैं। इसके अलावा 20 प्रतिशत दलित तथा 18 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर यादव मतदाता हैं। वर्ष 2019 में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यहां से भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ को तीन लाख 61 हजार मतों से परास्त किया था।
आजमगढ़ में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आजमगढ़ में 1149 मतदान केंद्र और 2176 मतदान बनाए गए हैं, जहां 1838000 मतदाता अपने मताधिकारों का प्रयोग कर सकेंगे। भाजपा ने इस सीट पर उपचुनाव में भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को एक बार फिर मैदान में उतारा है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने बदायूं से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है।

