बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर सोना महापात्रा ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण की अनदेखी और कचरा प्रबंधन की कथित समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा।उन्होंने गांधी से पूछा कि क्या वे 'लोकतंत्र को ठीक करने' से पहले हिमाचल प्रदेश को ठीक करने का काम शुरू कर सकते हैं।
अपने X हैंडल पर, महापात्रा ने गांधी को सलाह दी कि वे लोकतंत्र को ठीक करने की बात करने से पहले कांग्रेस-शासित हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। सिंगर ने कहा कि 9 साल बाद राज्य में लौटने पर वे 'कचरे से अटी पहाड़ियों और दम तोड़ती नदियों' को देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने पार्टी से इस कांग्रेस-शासित राज्य को गवर्नेंस का मॉडल बनाने का आग्रह किया।
उनके पोस्ट में लिखा था, 'प्रिय राहुल गांधी, लोकतंत्र को ठीक करने से पहले, क्या आप हिमाचल प्रदेश को ठीक करने से शुरुआत कर सकते हैं? मैं 9 साल बाद लौटी और कचरे से अटी पहाड़ियों और दम तोड़ती नदियों को देखकर हैरान रह गई। इस कांग्रेस-शासित राज्य को गवर्नेंस का मॉडल बनाएं। लोगों का जनादेश हासिल करें, सिर्फ उसकी मांग न करें।'
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उन्होंने गांधी का एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें कहा गया था, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। तब लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होगी।'महापात्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के कारण कई मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं।
पहाड़ों पर कचरा जमा होने और नदियों के प्रदूषण के मुद्दे अहम
सिंगर की इन टिप्पणियों को हिमाचल प्रदेश में कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और गवर्नेंस की स्थिति को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना के तौर पर देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, नदियों और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। पर्यावरण संरक्षण के नजरिए से पहाड़ों पर कचरा जमा होने और नदियों के प्रदूषण के मुद्दे अहम हैं। राज्य में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ, ठोस कचरे का सही निपटान, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और नदियों को प्रदूषण से बचाना मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं।
