देश

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हमला, कार पर पत्थरबाजी; सिर पर गहरी चोट

एनसीपी शरद पावर गुट के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हमला कर दिया गया, जिससे अनिल देशमुख जख्मी हुए हैं।

Image

अनिल देशमुख पर पथराव

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर आरोप प्रत्यारोप के दौर जारी हैं। लेकिन, सोमवार की शाम एनसीपी शरद पावर गुट के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हमला कर दिया गया, जिससे अनिल देशमुख जख्मी हुए हैं। काटोल में उनकी कार पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की, जिसके बाद उनके सिर पर गहरी चोट नजर आ रही। सामने आये वीडियो में उनके सिर से खून निकल रहा है।

जनसभा से वापस आ रहे थे अनिल देशमुख

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) नेता अनिल देशमुख सोमवार रात नागपुर में गंभीर रूप से घायल हो गये जब उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि नारखेड गांव में अनिल देशमुख जब एक जनसभा में भाग लेने के बाद रात करीब आठ बजे कटोल लौट रहे थे, तब यह घटना घटी। पुलिस के अनुसार कटोल के समीप जलालखेडा रोड पर बेलफाटा के पास अनिल देशमुख की गाड़ी पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव किया जिसमें वह घायल हो गये और उन्हें तत्काल कटोल सिविल अस्पताल ले जाया गया। नागपुर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) हर्ष पोद्दार ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि जांच शुरू हो गयी है। पुलिस हमला के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। यह घटना महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हो रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी दिन हुई है। अनिल देशमुख के बेटे सलिल देशमुख राकांपा (एसपी) के टिकट पर कटोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के चरणसिंह ठाकुर से है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article