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असम: डरा रहा 'ब्रह्मपुत्र' का रौद्र रूप, डिब्रूगढ़ के निचले इलाकों में बाढ़; कब रुकेगी ये आफत की बारिश

असम के डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर ऊंचा बना हुआ है। इस बीच, गुवाहाटी में लगातार बारिश के बाद रविवार को कई इलाकों में गंभीर जलभराव देखा गया। इससे पहले अधिकारियों के अनुसार असम में बाढ़ और भूस्खलन के कारण आठ लोगों की मौत हो गई है।

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असम: ब्रह्मपुत्र नदी उफान पर, डिब्रूगढ़ के निचले इलाकों में बाढ़

Photo : Twitter

Assam Flood: असम और पड़ोसी क्षेत्रों के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बाद रविवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर ऊंचा बना रहा। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ आ गई, जिससे जिले के संवेदनशील इलाकों में घर और खेत जलमग्न हो गए। इस बीच, गुवाहाटी में लगातार बारिश के बाद रविवार को कई इलाकों में गंभीर जलभराव देखा गया। इससे पहले अधिकारियों के अनुसार असम में बाढ़ और भूस्खलन के कारण आठ लोगों की मौत हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की 31 मई की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई और भूस्खलन के कारण पांच लोगों की मौत हो गई।

असम बाढ़

असम बाढ़

एएसडीएमए ने शनिवार को कहा कि गोलाघाट जिले में बाढ़ के कारण एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि लखीमपुर जिले में बाढ़ के पानी में एक व्यक्ति डूब गया। कामरूप (मेट्रो) जिले में भूस्खलन के कारण पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। असम और पड़ोसी राज्यों में लगातार और भारी बारिश के बाद , राज्य के 12 जिलों - धेमाजी, दक्षिण सलमारा, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, गोलाघाट , दर्रांग, नागांव, कार्बी आंगलोंग, कामरूप, बिस्वनाथ, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग पश्चिम - के 20 राजस्व मंडलों के तहत 175 गांव बाढ़ की पहली लहर में प्रभावित हुए थे।

असम के 12 जिलों में 58091 लोग बाढ़ से प्रभावित

एएसडीएमए की बाढ़ रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ के पहले दौर से 12 जिलों में 58091 लोग प्रभावित हुए तथा 791.32 हेक्टेयर फसल भूमि बाढ़ के पानी में डूब गई। लगभग 7000 बाढ़ प्रभावित लोग जिला प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में शरण ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 16 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। बाढ़ के पानी में 194 जानवर बह गए। बाढ़ प्रभावित जिलों में 75918 जानवर प्रभावित हुए हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा स्थानीय प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। बाढ़ के पानी से 22 सड़कें, एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, 3 तटबंध टूट गए, 4 अन्य तटबंध, सिंचाई नहरें, स्कूल भवन, आंगनवाड़ी केंद्र आदि क्षतिग्रस्त हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि कामरूप, डिब्रूगढ़ , दारंग, कछार और कामरूप (एम) जिलों में शहरी बाढ़ से 9865 लोग प्रभावित हुए हैं।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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