Zubeen Garg Death:असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश के बाद, पुलिस महानिदेशक हरमीत (DGP) सिंह ने बुधवार को लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की पिछले सप्ताह सिंगापुर में हुई असामयिक मृत्यु की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।इस बीच गर्ग के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद प्रदेश के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य बुधवार को उनके आवास पर परिवार के सदस्यों से मिलने पहुंचे।
इससे पहले शर्मा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'हमारे प्रिय जुबिन गर्ग की असामयिक मृत्यु के संबंध में, हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। आज मैंने असम के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी के साथ-साथ असम के मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।' उन्होंने कहा, 'मैंने डीजीपी को असम पुलिस के सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विसरा के नमूने विस्तृत जांच के लिए केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल), दिल्ली भेजे जाएंगे।उन्होंने कहा, 'एसआईटी को पूरी पेशेवर निष्ठा के साथ मामले की जांच करने की पूरी स्वतंत्रता होगी।'
लोगों के एक बड़े वर्ग की मांग के बाद मंगलवार सुबह गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गर्ग के शव का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया।गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय डूबने के कारण निधन हो गया था। मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ गुवाहाटी के बाहरी इलाके में इस लोकप्रिय गायक का अंतिम संस्कार किया गया।
बाद में डीजीपी हरमीत सिंह ने कहा कि 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।सिंह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा सर के निर्देशानुसार, जुबिन गर्ग की संदिग्ध और त्रासद मौत की पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए, एम.पी. गुप्ता, विशेष डीजीपी, असम सीआईडी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।'
गुप्ता के साथ, एसआईटी के अन्य सदस्य सीएम विजिलेंस एसएसपी रोजी कलिता, सीआईडी अतिरिक्त एसपी मोरमी दास, लखीमपुर अतिरिक्त एसपी लाबा डेका, टिटाबोर सीडीएसपी तरुण गोयल और नगांव डीएसपी परिमिता सरकार हैं।सिंह ने इस संबंध में एक आदेश साझा करते हुए कहा कि सीआईडी के निरीक्षक धुरबो ज्योति बोरा, मुक्ताजुर रहमान और कृष्णु पाठक के साथ उपनिरीक्षक गिरेन्द्र केओट भी एसआईटी का हिस्सा हैं।
आदेश में कहा गया है, 'एसआईटी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करनी चाहिए। उपरोक्त सभी अधिकारी एसआईटी के कार्यकाल तक उससे जुड़े रहेंगे।' राज्यपाल आचार्य ने गर्ग के पिता मोहिनी मोहन बोरठाकुर और उनकी पत्नी गरिमा गर्ग से मुलाकात कर अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।आचार्य ने एक बयान में कहा, 'एक प्रतिभाशाली गायक, संगीतकार और सांस्कृतिक दूत, जुबिन सिर्फ एक कलाकार से कहीं बढ़कर थे। वे असम की जीवंत पहचान के एक जीवंत प्रतीक थे, जिन्होंने विभिन्न पीढ़ियों, संस्कृतियों और भाषाओं के लोगों को जोड़ा।' परिवार के सदस्यों से बात करते हुए, राज्यपाल ने गर्ग की समावेशिता और भाईचारे के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा, 'भले ही जुबिन अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज और उनके मूल्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।'
