अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति और गंभीर हो गई है। एक और व्यक्ति की मौत के साथ राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जबकि 21 लोग घायल हुए हैं और दो महिलाएं अब भी लापता हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सभी 28 जिलों के 251 गांवों में 90,499 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पिछले सात दिनों की भारी बारिश से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।
सबसे अधिक प्रभावित अपर सियांग जिला है, जहां 47,357 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद सियांग में 23,715, क्रा दादी में 8,171 और ईस्ट कामेंग में 5,895 लोग प्रभावित हुए। वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू के साथ सबसे अधिक प्रभावित केयी पन्योर जिले का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण किया। दोनों केंद्रीय मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ से केवल लोगों के घर ही नहीं, बल्कि धान, संतरा और केला जैसी खड़ी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है।
बाढ़ से कितना हुआ नुकसान
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन से 342 कच्चे घर, 82 पक्के घर और 37 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं, 80 सड़कें, 12 पुल, 18 पुलिया, 147 जलापूर्ति योजनाएं और 21 बिजली लाइनें प्रभावित हुई हैं।
केंद्र ने बताया कि बाढ़ के कारण 1,010 हेक्टेयर वन क्षेत्र और 312.2 हेक्टेयर कृषि एवं बागवानी भूमि को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते 130 पोल्ट्री पक्षी, 613 छोटे और 6 बड़े पशुओं की मौत हुई है।
फिलहाल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य पुलिस, भारतीय वायुसेना, हेलीकॉप्टर सेवाएं और स्थानीय स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं और प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, दवाइयां तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
