जब नेहरू की सिगरेट लेने के लिए भोपाल से इंदौर गया था सरकारी प्लेन, ऐसे हुआ था पसंदीदा ब्रांड का इंतजाम

देश
किशोर जोशी
Updated Mar 04, 2021 | 07:56 IST

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को लेकर मध्य प्रदेश राजभवन की वेबसाइट पर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं।

When A Plane Went To Indore From Bhopal To Ferry  Jawaharlal Nehru's Favourite Cigarettes
जब नेहरू की सिगरेट लेने के लिए भोपाल से इंदौर गया था प्लेन 

मुख्य बातें

  • जवाहर लाल नेहरू की ब्रांडेड सिगरेट लेने के लिए भोपाल से इंदौर गया था सरकारी प्लेन
  • मध्य प्रदेश राजभवन की वेबसाइट पर है एक रोचक प्रसंग का उल्लेख
  • वेबसाइट के मुताबिक, नेहरू को थी 555 ब्रांड की सिगरेट पीने की आदत

नई दिल्ली: देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कई किस्से पहले भी चर्चाओं में रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश राजभवन की वेबसाइट पर एक ऐसा खुलासा हुआ है जो काफी रोचक है। इस खुलासे के बाद जहां भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है वहीं कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने एक ट्वीट किया है जिसमें एमपी के राजभवन से जुड़े एक किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि नेहरू के भोपाल में राजभवन में आने पर हवाईजहाज से उनकी पसंद की सिगरेट इंदौर से मंगाई गई थी।

भोपाल से इंदौर भेजा गया विमान
मध्य प्रदेश राजभवन की बेवसाइट के मुताबिक, एक बार नेहरू भोपाल दौरे पर थे और इस दौरान वे राजभवन आए थे। खाने के बाद नेहरू को सिगरेट पीना पसंद था लेकिन उनकी सिगरेट खत्म हो गई थी। बाद में जब राजभवन में मौजूद कर्मचारियों को यह पता चली नेहरू की पसंद की 555 सिगरेट उपलब्ध ही नहीं है तो तुरंत एक विमान इंदौर भेजा गया और वहां से नेहरू के लिए सिगरेट मंगाई गई।' यह वाकया पूर्व राज्यपाल एच विनायक पटस्कर के कार्यकाल के दौरान का है।

बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा
इससे पहले मध्य प्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सांरग ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कि अभी तक हम यही सुनते आए थे कि नेहरू जी के कपड़े पेरिस और इंग्लैंड धुलने जाते थे, पर ये (सिगरेट वाला किस्सा) तो राजभवन के दस्तावेज कहते हैं। सारंग ने कहा कि नेहरू परिवार ने देश में साम्राज्यवाद के लिए काम किया और कांग्रेस नेताओं को इसके लिए माफी मांगनी पड़ेगी।


कांग्रेस ने कही ये बात
वहीं कांग्रेस ने नेहरू के इस प्रसंग को लेकर बीजेपी पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि पूरे देश में महापुरुषों के चरित्र का हनन करने का प्रयास किया जा रहा है और सारंग का बयान भी उसी साजिश का हिस्सा है।  उन्होंने कहा कि राजभवन के नाम से वेबसाइट पर जो संस्मरण लिखे गए हैं, क्या वे प्रमाणिक रूप से तत्कालीन गवर्नर विनायक पाटस्कर द्वारा लिखे गए हैं? या किसी लेखक द्वारा लिखवाए गए हैं? इसकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

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