नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी की अध्यक्ष ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पांच दिनों के लंबे दौरे पर सोमवार को दिल्ली पहुंची, यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के अलावा उनका विपक्ष के कई नेताओं से मिलने का भी कार्यक्रम है, पहले कहा जा रहा था कि पीएम के साथ उनकी मुलाकात बुधवार को होगी लेकिन अब बताया जा रहा है कि ममता का पीएम से मिलने का कार्यक्रम मंगलवार यानी 27 जुलाई को है।
ममता बनर्जी का दिल्ली प्रवास पांच दिनों का है वो इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के मसलों पर चर्चा के लिए मुलाकात करेंगी गौर हो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के बाद दिल्ली में दोनों नेताओं की पहली औपचारिक मुलाक़ात होगी, वहीं ममता बनर्जी की राजनीतिक मुलाकातों पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं।
ममता बनर्जी 27 से 29 जुलाई तक दिल्ली में रहेंगी और 30 जुलाई को कोलकाता लौट आएंगी इससे पहले ममता बनर्जी ने सोमवार दोपहर कैबिनेट की बैठक बुलाई थी उसके बाद सीएम दोपहर कोलकाता से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं थीं, कैबिनेट की बैठक में पेगासास मामले की जांच करने के लिए जांच आयोग गठन करने पर मुहर लगाई।
विधानसभा चुनाव के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा
उन्होंने पेगासस जासूसी कांड की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन लोकुर और कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य की सदस्यता वाली दो सदस्यीय जांच आयोग गठित करने का एलान किया। इस दौरे के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, केजरीवाल सहित कई नेताओं से मुलाकात की संभावना है, गौर हो कि बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा है।
"ममता बनर्जी धन की 'भीख' मांगने के लिए प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हैं"
पश्चिम बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय संसाधनों का ‘दुरुपयोग’ किया और अब प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हैं ताकि 'हाथ जोड़कर धन की भीख मांग सकें।' उनकी इस टिप्पणी पर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि घोष को पहले 'संघीय व्यवस्था की समझ होनी चाहिए' जिसके तहत राज्य का प्रमुख हमेशा प्रधानमंत्री से मिल सकता है। घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के खजाने से पैसे निकाले और अब उसे खाली कर दिया है।
"भ्रष्टाचार की वजह से पश्चिम बंगाल वित्तीय संकट से गुजर रहा है"
भाजपा नेता ने ममता बनर्जी के संभावित दिल्ली दौरे के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'उन्होंने (बनर्जी ने) केंद्र द्वारा आवंटित धन का दुरुपयोग किया और अब प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हैं ताकि हाथ जोड़कर धन मांग सके क्योंकि राज्य एक तरह से दिवालिया हो चुका है।' घोष ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए भ्रष्टाचार की वजह से पश्चिम बंगाल वित्तीय संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, 'राज्य की खराब होती आर्थिक स्थिति और तृणमूल कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी से दीदी को एहसास हो गया है कि वह 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव तक राज्य को नहीं चला पाएंगी।'

