गांव-गली और शहर, लहरों का ऐसा कहर! MP-हिमाचल समेत 8 सूबे बारिश से हलकान, कहीं डूबे घाट तो कहीं घरों को नुकसान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 22, 2022, 07:22 AM IST

Weather in India Updates: इस बीच, सोमवार (दो अगस्त, 2022) तड़के राजस्थान के बीकानेर में 4.1 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए।

गांव-गली और शहर, लहरों का ऐसा कहर! MP-हिमाचल समेत 8 सूबे बारिश से हलकान, कहीं डूबे घाट तो कहीं घरों को नुकसान
Photo Credit: IANS

Weather in India Updates: देश में बारिश के बाद अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के चलते पहाड़ों से लेकर मैदान व गांव-गली और शहरों तक लहरों का तगड़ा कहर देखने को मिला है।

नतीजतन मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत करीब आठ सूबे और वहां के लोग और उनकी सरकारें इस वजह से बेहद हलकान हैं। जल स्तर बढ़ जाने की वजह से कहीं घाट डूबे तो कहीं आम लोगों के घरों को खासा नुकसान पहुंचा।

जल स्तर बढ़ा तो सड़कों तक आया पानी
म.प्र के जबलबुर में हनुमान ताल के पास अत्यधिक बारिश के बाद पानी सड़कों पर आ गया, जिसके बाद सड़कों पर जगह-जगह जलभराव देखने को मिला। वहीं, छतरपुर में भारी बारिश के चलते जब जल स्तर बढ़ा तो वहां इस बाबत अलर्ट जारी कर दिया गया।

हिमाचल में गायब लोगों का नहीं चला कोई पता
सूबे के मंडी जिले में भारी बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता हुए पांच लोगों का रविवार को भी पता नहीं चल सका। शनिवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 22 मौतें हुईं थीं और 12 लोग घायल हुए। बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों से होने की खबर है। इलाके में बादल फटने की घटना के बाद कई परिवार बाघी और ओल्ड कटोला के बीच स्थित अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने पहुंचे थे।

झारखंड में बारिश, 2,500 लोग किए गए शिफ्ट 
राज्य में शुक्रवार रात से हो रही बारिश से नदियों और बांधों के उफान पर होने के चलते निचले इलाकों में बाढ़ के हालात बनने पर झारखंड के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि, भारी बारिश लाने वाला गहरे दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ा है, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

ओडिशाः बाढ़ के खतरे के बाद निचले इलाकों से निकाले गए लोग
ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज जिलों में कई जगह सुवर्णरेखा और बैतरनी नदियों के खतरे का निशान पार कर जाने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू किया। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) प्रदीप के. जेना ने बताया कि बालासोर और मयूरभंज जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) और दमकल सेवा के कर्मियों की 58 छोटी बचाव टीम तैनात की गयी है, जबकि भद्रक और जाजपुर में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई।

राजस्थान में बारिश, बांधों में बढ़ा जलस्तर 
वहीं, राजस्थान में इस वर्ष अच्छी बारिश होने से राज्य के प्रमुख बांधों में जलस्तर बढ़ गया है जिसे देखते हुए अगले वर्ष गर्मी के मौसम में पानी का संकट होने के आसार नहीं हैं। राज्य के 716 बांध 20 अगस्त तक कुल जल क्षमता के 73 प्रतिशत तक भरे हुए थे,जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 57 प्रतिशत थे। अधिकारियों के अनुसार खरीफ फसलों की बोवाई का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है और पिछले वर्ष की तुलना में अधिक उत्पादन होने की उम्मीद है। राज्य में अब तक सामान्य में 27 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है और कोई भी जिला कम या बहुत कम वर्षा की श्रेणी में नहीं आता। (एजेंसी इनपुट्स के साथ) 

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