जिस मर्डर की चार्जशीट में नहीं था पूर्व विधायक का नाम, उसी मामले में हो गई उम्रकैद की सजा; जानें पूरा मामला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 14, 2022, 09:29 PM IST

घटना 22 अक्टूबर 1998 को हुई थी जब दोषियों ने पुरानी रंजिश के चलते संतराज नाम के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी मामले में पूर्व विधायक को उम्रकैद की सजा हुई है।

जिस मर्डर की चार्जशीट में नहीं था पूर्व विधायक का नाम, उसी मामले में हो गई उम्रकैद की सजा; जानें पूरा मामला
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यूपी के पूर्व विधायक अभय नारायण पटेल को हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में उनके साथ तीन और लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।

सहायक सरकारी वकील दीपक मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि अपराध के लिए दोषी ठहराए गए अन्य लोगों में लाल बहादुर, लाल बिहारी और हरेंद्र हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह घटना 22 अक्टूबर 1998 को हुई थी जब दोषियों ने पुरानी रंजिश के चलते संतराज नाम के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी।इस संबंध में पीड़िता के भाई राम नयन सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।

चार्जशीट में नहीं था नाम

इस मामले की जांच पूरी होने के बाद जब पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की तो उसमें पूर्व विधायक अभय नारायण पटेल का नाम नहीं था, हालांकि मर्डर के मामले में उनका नाम प्रमुखता से सामने आया था। इसके बाद जब सुनवाई शुरू हुई तो कोर्ट ने अभय नारायण को भी आरोपी बना दिया।

क्या था मामला

दरअसल ये हत्या कोटे को लेकर हुई थी। पूर्व विधायक अभय नारायण पटेल के नाम पर आवंटित कोटा रद्द हो गया था और वो संतराज के पास चला गया था। इसी को लेकर दोनों के बीच रंजिश थी। इसी कारण से इन्होंने संतराज की हत्या की थी।

सपा से भाजपा में

अभय नारायण पटेल पहले सपा से विधायक थे। सपा से जब 2017 और 2022 दोनों में टिकट नहीं मिला तो इन्होंने अखिलेश की पार्टी को छोड़ दी थी। सपा छोड़ने के बाद इन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।

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