केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की दहाड़, पिशी और भाईपो से बंगाल को आजाद करना बड़ा मकसद

पश्चिम बंगाल चुनाव में राजनीतिक दल बैलट की लड़ाई के साथ साथ जुबानी जंग भी लड़ रहे हैं और एक दूसरे को अलग अलग विशेषणों से नवाज भी रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की दहाड़, पिशी और भाईपो से बंगाल को आजाद करना बड़ा मकसद
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बंगाल में दहाड़ 

मुख्य बातें

  • चुनावी तारीखों के नजदीक आते ही बंगाल में सियासी पारा चढ़ा
  • स्मृति ईरानी ने भाई भतीजवाद से बंगाल को मुक्त करने की अपील की
  • बंगाल में कट कमीशन को खत्म करने के लिए लोग आगे आएं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में राजनीतिक दलों के नेताओं की जुबां तीखी हो चली है। अलग अलग विशेषणों के जरिए एक दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ह्वील चेयर पर ममता बनर्जी ने रोड शो किया तो गृहमंत्री अमित शाह ने भी रोड शो के जरिए जवाब दिया। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने किस तरह से ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर निशाना साधा। इसे जानना और समझना जरूरी है। 

बंगाल में स्मृति ईरानी की दहाड़
पश्चिम मिदनापुर, में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि कई सालों तक, दीदी और टीएमसी ने बंगाल की महिलाओं और गरीबों के जीवन और सम्मान के साथ खिलवाड़ किया। लेकिन इस चुनाव में, पूरे देश को पता है कि 'पिशी' और 'भयो' जा रहे हैं, और बीजेपी बंगाल को बचाने के लिए आ रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल को कट कमीशन की प्रथा से आजाद करने के लिए लोगों की लड़ाई बीजेपी लड़ रही है और उस महायज्ञ में हर एक शख्स को योगदान देना चाहिए।

गलत नीति बंगाल की बर्बादी की वजह
स्मृति ईरानी ने कहा कि देश को जो सूबा जिसमें अपार संभावनाएं हैं उसे बर्बाद कर दिया गया। लंबे वर्षों तक कांग्रेस और लेफ्ट ने बर्बादी दास्तां लिखी। 2011 में जब बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ तो लोगों में उम्मीद जगी कि अब बंगाल तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। लेकिन पिछले 10 वर्षों में अगर बंगाल को देखें को ममता बनर्जी सरकार की गलत नीतियों की वजह से पूरी व्यवस्था रसातल में चली गई।

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