नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार (11 नवंबर) को टाइम्स नाउ समिट 2021 में आगामी यूपी विधानसभा चुनाव, ध्रुवीकरण, सलमान खुर्शीद की नई किताब में हिंदुत्व को लेकर लिखी गई बात समेत कई मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर एवं टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में कहा कि विकास के आधार पर यूपी में करिश्मा होगा। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव, दूसरे मुद्दों पर लड़े जाते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। प्रियंका गांधी के बयान लड़की हूं लड़ सकती हूं पर स्मृति ईरानी ने कहा कि शायद वो कहना चाहती थीं कि लड़का है पर लड़ नहीं सकता। इस पर जब और कुरेदा गया तो जवाब दिया कि एक कहावत पुरानी है, ये पब्लिक है सब जानती है। देश के सामने स्वच्छता का मुद्दा कभी नहीं रहा। लेकिन जब मोदी जी सरकार में आए तो उन्होंने समझा कि स्वच्छता अभियान का मतलब क्या है और उसे ध्यान में रखकर उन्होंने हर घर टॉयलेट बनवाने का काम किया।
प्रियंका गांधी के महिलाओं को 30 फीसदी सीट रिजर्व करने पर स्मृति ईरानी ने कहा कि वो कहना चाहती हैं कि 70 फीसदी महिलाओं को वो आरक्षण या सीट नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नैया डूब रही है आखिर पतवार कौन देगा। राजनीति में कोशिश सबको करनी चाहिए। सवाल यह है कि आपकी कोशिश में कितना विश्वास है। जिस व्यक्ति विशेष के बारे में चर्चा हो रही है उसके प्रति जनता के मन में भाव क्या है।
राजनीति में हवा कभी भी बदल सकती है। इस सवाल के जवाब में हवा उनके लिए बदलती है जो शीशे के महल में रहते हैं। जो जमीन पर, धरातल पर बरसों बरस काम करते आए हैं वो हवा का इंतजार नहीं करते। लेकिन जो दल लोगों के बीच में रहते हैं वो हवा के रुख के हिसाब से अपने संघर्ष को बढ़ाते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो दो सीट से 303 सीट पर नहीं पहुंचते और देश को नरेंद्र मोदी के रूप में प्रधानमंत्री नहीं मिलता।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की नई किताब में हिंदुत्व को लेकर लिखी गई बात पर स्मृति ईरानी ने कहा कि इन्होंने डेढ़ दशक पहले एक किताब लिखी थी जिसमें उन्होंने लिखा कि 84 के दंगे में हिंदू और सिखों ने विभाजन के पापों की सजा भुगती है।
ध्रुवीकरण पर उन्होंने कहा कि आखिर जनता की समझ को इतना कम क्यों आंका जाता है। जनता समझदार है और वो सही गलत का फैसला कर लेती है। सरदार पटेल और जिन्ना की तुलना पर उन्होंने कहा कि लड़के हैं समझ नहीं सकते। आप केवड़िया जाकर समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक ने हिंदुस्तान को जोड़ने का काम किया और एक ने तोड़ने काम किया।

