'भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध', चीन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक

भारत चीन तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मास्‍को में अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात की। अब रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि इस बैठक में भारत ने चीन से क्‍या कहा।

'भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध', चीन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक
'भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध', चीन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मास्‍को में उनके चीनी समकक्ष वेई फेंगही से मुलाकात हुई
  • आपसी तनाव के बीच दोनों नेताओं के बीच दो घंटे से भी अधिक समय तक बातचीत हुई
  • उन्‍होंने चीन को साफ संदेश दिया कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रत‍िबद्ध है

नई दिल्‍ली : पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मास्‍को में अपने चीनी समकक्ष से बातचीत की, जहां दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्‍मेलन के सिलसिले में पहुंचे हुए थे। दोनों नेताओं के बीच दो घंटे से भी अधिक समय तक बैठक हुई, जिसमें सीमा पर तनाव गतिरोध दूर करने के मुद्दे पर ध्‍यान केंद्र‍ित किया गया। रक्षा मंत्री की तरफ से चीन को क्‍या संदेश दिया गया, इस बारे में अब रक्षा मंत्रालय की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि इस बैठक के दौरान भारत ने स्‍पष्‍ट कर दिया कि भारतीय सैनिकों ने सीमा पर हमेशा संतुलित रवैया अपनाया है, लेकिन इसे लेकर भी किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि चीनी पक्ष ने जिस तरह सीमा पर सैनिकों का जमावड़ किया है और जिस तरह के आक्रामक रुख को अपनाते हुए यथास्थिति को एकपक्षीय तरीके से बदलने की कोशिश की है, वह द्विपक्षीय समझौतों का उल्‍लंघन है।

शांति बहाली पर जोर

रक्षा मंत्रालय की ओर से एक के बाद एक कई ट्वीट में बताया गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उनके चीनी समकक्ष वेई फेंगही से भारत-चीन सीमा पर हालिया स्थिति के साथ-साथ दोनों देशों के आपसी संबंधों को लेकर भी विस्‍तृत चर्चा हुई। इस दौरान इस पर जोर दिया गया कि आपसी तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों को कूटनीतिक व सैन्‍य माध्‍यमों के जरिये बातचीत जारी रखनी चाहिए, ताकि वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर जल्‍द से जल्‍द डिसइंगेजमेंट और डि-एस्कलैशन की स्थिति हो और अंतत: सीमा पर शांति बहाल की जा सके।

यहां गौरतलब है कि चीन के साथ हालिया तनाव के बीच भारत बार-बार डिसइंगेजमेंट पर जोर दे रहा है, जिसका अर्थ यह है कि दोनों देशों की सेना एक-दूसरे के आमने-सामने न हों। इसके बाद ही डि-एस्कलैशन यानी तनाव दूर किया जाना संभव हो पाएगा। रक्षा मंत्री ने मास्‍को में हुई बैठक के दौरान भी पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति को बनाए रखने और सैनिकों को तेजी से हटाने पर जोर दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी सेना के पैंगोंग झील के दक्षिण तट में यथास्थिति बदलने के नए प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई और बातचीत के जरिये गतिरोध दूर करने पर जोर दिया।

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