Children Day 2021: 1964 के बाद बाल दिवस की तारीख बदल दी गई, दिलचस्प है इतिहास

देश
ललित राय
Updated Nov 14, 2021 | 08:38 IST

1964 से पहले बाल दिवस नवंबर के महीने में ही 20 तारीख को मनाया जाता था। लेकिन बाद में यह तारीख 14 नवंबर की गई।

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1964 के बाद बाल दिवस की तारीख बदल दी गई, दिलचस्प है इतिहास 
मुख्य बातें
  • पहले 20 नवंबर को मनाया जाता था बाल दिवस
  • 1964 के बाद 14 नवंबर को मनाया जाने लगा बाल दिवस
  • 14 नवंबर के दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू पैदा हुए थे और उन्हें बच्चों से खास लगाव था

 भारत के इतिहास में वैसे तो हर दिन का अपना अलग महत्व है। जिस तरह से 15 अगस्त, 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को पूरा देश उल्लास के साथ मनाता है वैसे ही 14 नवंबर का दिन भी खास है। 14 नवंबर का दिन इसलिए खास है क्योंकि यह बच्चों के लिए समर्पित है और इस दिन को बाल दिवस के तौर पर जाना जाता है। लेकिन 1964 से पहले की तस्वीर अलग थी। संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर की तारीख बाल दिवस के तौर पर तय की थी और भारत में भी उसी दिन को बाल दिवस के तौर पर याद किया जाता था। लेकिन 1964 के बाद तस्वीर बदली। नाम तो बाल दिवस ही रहा लेकिन तारीख 20 नवंबर से बदल कर 14 नवंबर हो गई। इस खास दिन पर  बच्चों के लिए स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

14 नवंबर को जवाहर लाल नेहरू का हुआ था जन्म
14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था और उनका बच्चों से अलग तरह का लगाव था। नेहरू जी हमेशा कहा करते थे कि बच्चे कल के अधिकारी हैं, वैज्ञानिक है, साहित्यकार हैं, नेता हैं, अभिनेता हैं, इसलिए बच्चों के साथ किसी तरह की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। बच्चों को हमेशा लगे कि कोई उनका ख्याल करने वाला है। समृद्ध और खुशहाल देश के लिए बच्चों की शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत बनाने के साथ साथ संवेदनशील भी बनाना होगा। हमें उन्हें ऐसा माहौल देना होगा ताकि वो  अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

बच्चों से था खास लगाव
खास बात यह थी कि पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों कोजिस हद तक बच्चों को पसंद करते थे। उससे कहीं अधिक बच्चे भी उन्हें पसंद करते थे। भारतीय संस्कृति में कहा भी जाता है कि हम जितना सम्मान या प्रेम दूसरे से करते हैं उतना ही सम्मान और प्यार वापस मिलता है और यह बड़ी वजह थी कि बच्चे  'चाचा नेहरू' कहकर बुलाया करते थे।  

20 नवंबर को भारत में पहले मनाया था बाल दिवस
20 नवंबर की तारीख भारत के इतिहास में खास थी क्योंकि वो दिन को बच्चों के नाम समर्पित था, यूं कहें तो  बाल दिवस मनाया जाता था। 1964 से पहले यानी जवाहर लाल नेहरू के निधन से पहले 20 नवंबर को ही बाल दिवस मनाया जाता था। और उसके पीछे वजह यह थी ति संयुक्त राष्ट्र ने 1954 में  20 नवंबर को बाल दिवस के तौर पर तिथि निश्चिक की थी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 नवंबर को ही बाल दिवस मनाया जाता था।  लेकिन 1964 में जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद उनके सम्मान में भारत ने तारीख बदली और 14 नवंबर को बाल दिवस मनाने का सिलसिला चल पड़ा। लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश भी हैं जहां 20 नवंबर की जगह 1 जून को बाल दिवस मनाया जाता है। 1 जून को  तजिकिस्तान, इथीयोपिया, मकाऊ, म्यांमार, पोलैंड, रूस, पुर्तगाल,यूक्रेन और वियतनाम समेत 47 देश बाल दिवस मनाते हैं। 

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