Rashtravad: Netaji Bose देश के या सिर्फ Bengal के? महापुरुषों की जयंती पर विवाद क्यों?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2022, 07:14 PM IST

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने केंद्र से नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की दोबारा अपील की।

Rashtravad: Netaji Bose देश के या सिर्फ Bengal के? महापुरुषों की जयंती पर विवाद क्यों?

नई दिल्ली: देश Netaji Subhash Chandra Bose की 125वीं जयंती मना रहा है। आज PM Modi इंडिया गेट पर नेता जी के होलोग्राम का अनावरण करेंगे। आपको बता दें कि बंगाल में जब BJP MP Arjun Singh नेता जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे तो TMC के कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई। नेताजी की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है.. उनके सम्मान में इंडिया गेट पर उनकी मूर्ति के होलोग्राम का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री करने वाले हैं.. लेकिन इस मुद्दे पर देश में जमकर राजनीति चल रही है

बंगाल में सांसद पर हमला

सबसे पहले आप वीडियो में दो तस्वीरें देखिए, पहली तस्वीर है पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए बीजेपी कार्यकर्ता पहुंचे तो उन्हें टीएमसी का विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन के बीच सांसद अर्जुन सिंह के अंगरक्षकों पर सात राउंड गोली हवा में चलाने का आरोप लगा है। इसे लेकर फिर से भाटपाड़ा और उत्तर 24 परगना की राजनीति गरमा गयी है।

वहीं भोपाल के भी नेताजी को लेकर एक कार्यक्रम में बीजेपी और सपाक्स के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं पर सपाक्स के कार्यकर्ताओं से बदसलूकी का आरोप है। वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके झंडे को नेताजी की तस्वीर के पास से हटाया गया।

नेताजी की बेटी का बयान

सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस ने कहा, 'मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि नेताजी की प्रतिमा को दिल्ली में एक प्रमुख स्थान पर स्थापित किया जा रहा है या मुझे ये कहना चाहए कि नेताजी का एक और स्टैच्यू लगाया जाना  चाहिए क्योंकि दिल्ली और दूसरे शहरों और गांवों में उनके स्टैच्यू हैं। 125 साल एक बड़ा समय होता है। भारत को भी आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। एक पीढ़ी बीत गई है और नई पीढ़ी जन्म ले चुकी है और ये जानकार अच्छा लगता है कि युवा जान रहे हैं कि नेताजी कौन थे।'
 

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