'आतंकियों ने मेरे 10 महीने के बच्चे को भी नहीं बख्शा, मारी लात', एसपीओ की बहू ने सुनाया दर्द  

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 29, 2021, 02:00 PM IST

पूर्व एसपीओ फयाज अहमद भट्ट की बहू साइमा ने आतंकियों की क्रूरता के बारे में बताया है। साइमा का कहना है कि आतंकियों ने उनके 10 महीने के बच्चे को भी नहीं बख्शा और उस पर लात से हमला किया।

'आतंकियों ने मेरे 10 महीने के बच्चे को भी नहीं बख्शा, मारी लात', एसपीओ की बहू ने सुनाया दर्द  
Photo Credit: ANI

श्रीनगर : पुलवामा में पूर्व एसपीओ फयाज अहमद भट्ट के परिवार पर कहर बनकर टूटे आतंकवादियों ने क्रूरता की सभी हदें पार कर दी। इस हमले में फयाज, उनकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई। फयाज की बहू का कहना है कि आतंकवादियों ने उन पर रहम नहीं किया। यहां तक कि 10 महीने का बच्चा जो उनकी हाथ में था, उसे लात मारी। फयाज के परिवार पर हमला करने वाले दोनों आतंकवादियों की पहचान हो गई है। इनमें से एक पाकिस्तानी है। सुरक्षाबलों ने इन दोनों आतंकवादियों को दबोचने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। आतंकियों के इस हमले में घायल पूर्व एसपीओ फयाज की बेटी (21) ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। 

नकाब लगाकर पहुंचे थे आतंकवादी 
पुलिस का कहना है कि आतंकवादी अपने चेहरे पर नकाब लगाकर फयाज के घर पहुंचे थे। घर पहुंचने पर उन्होंने एके-47 लहराया। फयाज ने जैसे ही घर का दरवाजा खोला आतंकियों ने उन पर गोलियों की बरसात कर दी। इसके बाद आंतकियों का अगला निशाना फयाज की पत्नी राजा बानो थीं। इस बीच, बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी राफिका जान को भी आतंकियों ने नहीं बख्शा। 

फयाज की बहू पर लातों से हमला
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक भट्ट की बहू साइमा हाथ में अपने बच्चे को ली हुई थीं, उन पर आतंकियों ने लात से हमला किया। साइमा का कहना है, 'हमने अपने जान की भीख मांगी लेकिन उन्होंने जरा भी दया नहीं दिखाई। उन्होंने मेरे बच्चे को भी नहीं छोड़ा। मेरे सास-ससुर की तरह वे हमें भी कहीं गोली न मार दे इस डर के मारे मैं चीखी नहीं। मैं अपनी बच्चे को लेकर भागकर दूसरे कमरे में भागी। हत्यारों के वहां से जाने पर मैंने रोना शुरू किया।' 

लियाकत के घर पहुंचने से पहले दम तोड़ चुके थे माता-पिता
साइमा के पति लियाकत फयाज टेरिटोरियल आर्मी में हैं और वह पुलवामा के ख्रिउ में तैनात हैं। पत्नी की ओर से हमले की सूचना पर लियाकत आनन-फानन में घर पहुंचे लेकिन इससे पहले उनके माता-पिता की मौत हो गई थी। जबकि उनकी बहन मौत से जूझ रही थी। जख्मी हालत में राफिका को श्रीनगर स्थित एसकेआईएमएस अस्पताल ले जाया गया जहां उसने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। 

एक आतंकवादी पाकिस्तानी
फयाज के घर पहुंचे कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि एक आतंकवादी ने कश्मीरी में बात की थी जबकि दूसरा उर्दू बोल रहा था। उन्होंने कहा, 'इलाके में हमें जैश के आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चला है और इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि इनमें से एक पाकिस्तानी है।'  

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