UP Election: प्रियंका गांधी की जयंत चौधरी से मुलाकात, क्‍या बदल रहे समीकरण? गठबंधन पर क्‍या कहते हैं कांग्रेस के सूत्र?

देश
रंजीता झा
रंजीता झा | SPECIAL CORRESPONDENT
Updated Nov 01, 2021 | 16:43 IST

UP Assembly election 2022: यूपी में साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजन‍ीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। प्रियंका गांधी की जयंत चौधरी से हुई मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

जयंत चौधरी से प्रियंका गांधी की मुलाकात
जयंत चौधरी से प्रियंका गांधी की मुलाकात  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • उत्‍तर प्रदेश में अगले साल‍ विधानसभा चुनाव होना है
  • कांग्रेस अपना खोया जनाधार पाने की कोशिशों में जुटी है
  • कांग्रेस की अन्‍य दलों से गठबंधन को लेकर भी बातें हो रही हैं

लखनऊ: 2022 उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले रोज राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। इसकी एक तस्‍वीर रविवार शाम को दिखी, जब कांग्रेस महासचिव व यूपी मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी की RLD प्रमुख जयन्त चौधरी से मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात शाम 5 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई। मुलाकात में इतनी गर्मजोशी रही कि लखनऊ से दिल्ली वापसी का सफर दोनों ने साथ तय किया।

प्रियंका गांधी के साथ जयन्त की इस मुलाकात के दो सूत्रधार भी तस्वीर में दिख रहे हैं। पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जो प्रियंका गांधी के करीबी समझे जाते हैं और दूसरे दीपेंद्र हुड्डा, जिनकी जयन्त चौधरी से तीन पुश्तों का निजी रिश्ता है।

जयंत-दीपेंद्र के करीबी संबंध हैं और यही कारण है कि दीपेंद्र हुड्डा को प्रियंका गांधी ने कॉल कर लखनऊ बुलाया और बातचीत शुरू होने के बाद एयरपोर्ट से ही दिल्ली वापस आ गए। इस मुलाकात पर कांग्रेस नेता भी खुलकर बोल रहे हैं। प्रियंका गांधी के सलाहकार परिषद के सदस्य राशिद अल्वी ने कहा कि दोनों में क्या बात हुई ये तो वही जानते होंगे, लेकिन गठबंधन की बात है तो कांग्रेस तैयार है।

किन मुद्दों पर हुई बात?

बातचीत में शामिल एक नेता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि प्रियंका और जयन्त की बातचीत कई मुद्दों पर हुई। बातचीत में जयन्त ने ये भी कहा कि मेरा गठबंधन सपा के साथ तय हो गया है, आप सपा से भी बात कर सकते हैं। बातचीत अच्छी रही, इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि चुनाव तक पहुंचते-पहुंचते नए सियासी समीकरण न बन जाएं।

वहीं, कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो  मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के संपर्क में हैं। इस बाबत उनकी बातचीत भी चल रही है। कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि सीट शेयरिंग से पहले प्रदेश में वह एक मजबूत स्थिति में नजर आए। यही कारण है कि एक तरफ बैकडोर चैनल से गठबंधन की भी बात हो रही है तो दूसरी तरफ प्रियंका गांधी की अगुवाई में प्रतिज्ञा यात्रा के जरिए पार्टी अपने खोए जनाधार को लामबंद करने का प्रयास भी कर रही है।

राजनीतिक जानकर इस मुलाकात को भविष्य की बड़ी रणनीति का हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि योगी के खिलाफ मजबूत गठबंधन विपक्ष के लिए समय की जरूरत है, लेकिन ये तभी संभव होगा जब कांग्रेस जमीनी हकीकत को समझते हुए गठबंधन की पहल करे।

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