BRICS: चीन से तनाव के बीच ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में आज शामिल होंगे पीएम मोदी और शी शिनफिंग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 17, 2020, 05:30 AM IST

BRICS Virtual Summit:मंगलवार को ब्रिक्स देशों की वर्चुअल शिखर बैठक है, जिसमें रूस, ब्राजील व दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपतियों के अलावा उक्त दोनो नेता भी हिस्सा लेंगे।

BRICS: चीन से तनाव के बीच ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में आज शामिल होंगे पीएम मोदी और शी शिनफिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) मंगलवार को BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) देशों के शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, ऊर्जा के साथ ही कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई के उपायों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी इस बैठक में शामिल होना प्रस्तावित है।

ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब इसके दो प्रमुख सदस्य देशों भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा पर छह महीने पहले हुई एक हिंसप झड़प के बाद गतिरोध बरकरार है। अब दोनों पक्ष ऊंचाई वाले इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं।हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान डिजीटल माध्यम से आमना-सामना हुआ था।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी रूस की मेजबानी में हो रही ब्रिक्स देशों के 12वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। 17 नवंबर को हो रही इस बैठक का विषय वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और नवप्रवर्तक विकास है।' ब्रिक्स को एक प्रभावी संगठन माना जाता है जो विश्व की कुल आबादी के आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। ब्रिक्स देशों का संयुक्त रूप से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 16.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में शामिल नेता आपसी सहयोग और आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, ऊर्जा के साथ ही कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई के उपायों जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मंत्रालय ने कहा, 'बैठक में अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत को अध्यक्षता सौंपी जाएगी। भारत 2021 में होने वाले 13वें ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2012 और 2016 में ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की है।'

B, R, I, C व S से मिलकर इस समूह का नामकरण हुआ

ब्रिक्स (BRICS) उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं के एक संघ का शीर्षक है। इसके घटक राष्ट्र ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं। इन्हीं देशों के अंग्रेज़ी में नाम के प्रथमाक्षरों B, R, I, C व S से मिलकर इस समूह का यह नामकरण हुआ है। इसकी स्थापना 2009 में हुई,और इसके 5 सदस्य देश है। मूलतः, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल किए जाने से पहले इसे "ब्रिक" के नाम से जाना जाता था। रूस को छोडकर ब्रिक्स के सभी सदस्य विकासशील या नव औद्योगीकृत देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

ये राष्ट्र क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं

साल 2019 तक, पाँचों ब्रिक्स राष्ट्र दुनिया की लगभग 42%आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक अनुमान के अनुसार ये राष्ट्र संयुक्त विदेशी मुद्रा भंडार में 4 खरब अमेरिकी डॉलर का योगदान करते हैं। इन राष्ट्रों का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद 15 खरब अमेरिकी डॉलर का है। ब्रिक्स देशों का वैश्विक जीडीपी में 23% का योगदान करता है तथा विश्व व्यापार के लगभग 18% हिस्से में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे R-5 के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इन पांचों देशों की मुद्रा का नाम 'R' से शुरू होता है। 

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