'हां, मैं अपने दोस्तों के लिए ही दिन-रात काम करता हूं'; विपक्ष को पीएम मोदी ने इस तरह दिया जवाब

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 7, 2021, 09:58 PM IST

PM Narendra Modi in Kolkata: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में एक रैली में उस आरोप का अपने अंदाज में जवाब दिया, जिसमें कहा जाता है कि वो अपने दोस्तों के लिए काम करते हैं।

'हां, मैं अपने दोस्तों के लिए ही दिन-रात काम करता हूं'; विपक्ष को पीएम मोदी ने इस तरह दिया जवाब

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष आरोप लगाता है कि वो अपने कुछ व्यापारी मित्रों के लिए काम करते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ये आरोप लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। वो कहते भी है कि ये सरकार 'हम दो हमारे दो' की है। आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ब्रिगेड परेड मैदान में उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए इसका जवाब दिया। 

पीएम मोदी ने कहा, 'आज कल तो हमारे विरोधी भी कहते हैं कि मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं। हम सभी जानते हैं कि बचपन में हम जहां पले-बढ़े होते हैं, बचपन में जहां खेले-कूदे होते हैं, जिनके साथ पढ़े होते हैं, वो हमारे जीवन भर के पक्के दोस्त होते हैं। मैं भी गरीबी में पला-बढ़ा और इसलिए उनका दुख-दर्द क्या है, चाहे वो हिंदुस्तान के किसी भी कोने में क्यों न हो, क्योंकि वो हमारे दोस्त हैं, उनको मैं भली-भांति अनुभव का सकता हूं। इसलिए मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं और मैं दोस्तों के लिए ही काम करता रहूंगा।' 

उन्होंने कहा कि बंगाल के चायवाले, यहां के टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे भाई-बहन तो मेरे विशेष दोस्त हैं। मेरे ऐसे कामों से उनकी भी अनेक परेशानियां कम हो रही हैं। हमारी सरकार के प्रयासों से मेरे इन चायवाले दोस्तों को सोशल सेक्योरिटी स्कीम्स का भी लाभ मिलना तय हुआ है।  

'दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी?'

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'कोरोना ने पूरी दुनिया में सबको परेशान किया लेकिन मेरे ये गरीब दोस्त ही थे, जो बहुत परेशान हुए। जब कोरोना आया तो मैंने अपने हर दोस्त को मुफ्त में राशन दिया, मुफ्त गैस सिलेंडर दिया और करोड़ों रुपए बैंक खाते में जमा करवाए। दुनिया में कोरोना वैक्सीन इतनी महंगी है। लेकिन मैंने अपने दोस्तों के लिए सरकारी अस्पताल में मुफ्त में टीका लगाने का प्रबंध किया। मेरे आप सभी दोस्त बताइए, दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी? बहनों और भाइयों, आपके इसी जोश से दीदी और उनके साथियों की नींद उड़ी हुई है। तभी तो ये लोग कह रहे हैं कि इस बार - खेला होबे।'

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