असम चुनाव 2021: जब बीच में पीएम नरेंद्र मोदी ने रोक दिया भाषण, ये थी वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 3, 2021, 02:38 PM IST

असम में तीसरे चरण में 6 अप्रैल को मतदान होगा। अंतिम चरण के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी ने कहा कि कम्यूनिज्म और सेक्यूलरिज्म के खेल में देश का बहुत नुकसान हुआ है।

असम चुनाव 2021: जब बीच में पीएम नरेंद्र मोदी ने रोक दिया भाषण, ये थी वजह

गुवाहाटी। असम के तमालपुर में चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि अगर सबके लिए काम करें, बिना भेदभाव के सबको देते हैं, तो कहते हैं कि ये कम्युनल हैं। सेक्यूलरिज्म-कम्यूनिज्म के इस खेल ने देश का बहुत नुकसान किया है।देश में कुछ बातें ऐसी गलत चल रही हैं, अगर हम समाज में भेदभाव करके, समाज के टुकड़े करके अपने वोटबैंक के लिए कुछ दे दें, तो दुर्भाग्य देखिए, उसे देश में सेक्युलरिज्म कहा जाता है। भाषण के दौरान एक शख्स बेहोश हो गया। पीएम मोदी ने अपने भाषण को बीच में रोका और मंच से ही पीएमओ के डॉक्टर को उस शख्स के इलाज के लिए भेजा।
जब पीएम ने बीच में भाषण रोका
पीएम नरेंद्र मोदी जब भाषण दे रहे थे तो उन्होंने देखा कि एक कार्यकर्ता बेहोश हो गया है। तत्काल उन्होंने अपनी स्पीच को रोका और पीएमओ की मेडिकल टीम वहां पहुंचे और कार्यकर्ता का इलाज करे। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि पानी की कमी की वजह से उसे गश आ गया हो।


असम की संस्कृति का अपमान हुआ
इससे बड़ा असम की संस्कृति का अपमान नहीं हो सकता। अभी से 5 साल के बाद असम को कब्जाने के सपने चौंकाने की बात है।मैंने सुना, कल कुछ लोगों ने घोषणा कर दी है, उसमें उन्होंने मान लिया है कि वो चुनाव हार चुके हैं। अगली सरकार कैसी बनेगी, सरकार के लोगों ने क्या पहना होगा, वो कैसे दिखते होंगे, इसका उन्होंने वर्णन किया है।

महाजोत के महाझूठ को नकारना है
महाजोत के महाझूठ को आपको सिरे से नकारते चलना है। जिस तरह पहले दो चरणों में आपने बीजेपी की, एनडीए की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर विजय सुनिश्चित की है, वैसे ही आपको तीसरे चरण में भी करना है।मेरा उन युवा साथियों से विशेष आग्रह है जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। देश की आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मनाते हुए आप जो वोट डालेंगे, वो इस बात को भी तय करेगा कि जब हम आजादी के 100 वर्ष मनाएंगे, तो असम कितना आगे होगा। भाजपा के संकल्प पत्र में इसके लिए स्पष्ट रोडमैप है।

भेदभाव नहीं सद्भाव से होता है विकास
NDA सरकार मानती है कि किसी भी क्षेत्र के लोगों का विकास भेदभाव से नहीं, सद्भाव से होता है। इसी सद्भावना का परिणाम है कि लंबे इंतज़ार के बाद ऐतिहासिक बोडो अकॉर्ड तक हम पहुंच पाए। अनेक माताओं के आंसू पोंछनें, अनेक बहनों की पीड़ा को दूर करने के लिए हम सभी ने मिलकर प्रयास किया।

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