..तो जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक हर दिन लगेंगे 1 करोड़ कोरोना टीके, सरकार बोली-टीकों की नहीं है कमी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 2, 2021, 12:09 AM IST

vaccination in india:देश में कोरोना टीकों की कमी के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि टीकों की कोई कमी नहीं है और सभी पात्र लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा।

..तो जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक हर दिन लगेंगे 1 करोड़ कोरोना टीके, सरकार बोली-टीकों की नहीं है कमी

 नयी दिल्ली:  केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक कोविड-19 के पर्याप्त टीके उपलब्ध होंगे जिससे प्रति दिन एक करोड़ लोगों को टीका लगाया जा सकेगा। सरकार ने कहा कि टीके की कमी नहीं है और देश की बड़ी आबादी को देखते हुए धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। सरकार ने कहा कि दूसरी लहर धीमा पड़ रही है और जांच बढ़ाए जाने के साथ ही जिला स्तर पर निरूद्ध क्षेत्र बनाए जाने से मामलों को कम किया जा सका है।साथ ही इसने कहा कि लॉकडाउन में छूट आवश्यक है लेकिन इसे धीरे-धीरे किया जाना चाहिए।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी. के. पॉल ने कहा, 'विशेषज्ञों द्वारा जो संभावित परिदृश्य पेश किए जा रहे हैं उसके मुताबिक कोविड -19 के मामलों में कमी आएगी और जून में स्थिति काफी अच्छी रहेगी लेकिन चिंता तब है जब पाबंदियां खत्म होंगी तो हम किस तरह से व्यवहार करते हैं क्योंकि वायरस अभी कहीं नहीं गया है।'

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि भारत में टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है और 'हमें उम्मीद है कि दिसंबर तक देश की पूरी आबादी का टीकाकरण हो जाएगा।'

उन्होंने कहा कि भारत उन पांच देशों में शामिल है जहां टीका का उत्पादन हो रहा है और कहा कि 'टीके की कोई कमी नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अगर आप एक महीने के अंदर देश की पूरी आबादी का टीकाकरण करना चाहते हैं तो आपको कमी महसूस होगी। देश में जितनी संख्या में टीकाकरण हुआ है वह अमेरिका में हुए टीकाकरण के बराबर है और हमारी आबादी अमेरिका की तुलना में चार गुना ज्यादा है। हमें धैर्य रखना होगा।'

"हम प्रति दिन एक करोड़ लोगों का टीकाकरण कर पाएंगे"

भार्गव ने कहा, 'इस वर्ष के मध्य तक, मध्य जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक हमारे पास इतना टीका होगा कि हम प्रति दिन एक करोड़ लोगों का टीकाकरण कर पाएंगे।' स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि केंद्र ने मई में राज्यों को टीके की 4,03,49,830 खुराकें नि:शुल्क मुहैया कराईं जबकि राज्यों ने 2,66,50,500 खुराकें सीधे खरीदीं और निजी अस्पतालों द्वारा 1,24,54,760 खुराकें सीधे खरीदी गईं।

"डेली केस में लगातार कमी आ रही है"

पिछले महीने 7,94,55,090 उपलब्ध थीं जिनमें से 6,10,57,003 खुराकें लगाई जा चुकी हैं।मंत्रालय की तरफ से आज सुबह उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में अभी तक कोविड-19 की कुल 21,60,46,638 खुराकें दी जा चुकी हैं।भार्गव ने कहा कि अप्रैल के पहले हफ्ते में 200 से कम जिलों में संक्रमण दर दस फीसदी से अधिक थी जबकि अप्रैल के अंतिम हफ्ते में करीब 600 जिलों में संक्रमण दर दस फीसदी से अधिक चली गई।
अग्रवाल ने कहा कि भारत में संक्रमण के मामले सात मई को उच्चतम स्थिति में पहुंचे थे और उसके बाद से रोजाना मामलों में लगातार कमी आ रही है।

उन्होंने कहा कि इसके बाद उनमें करीब 69 फीसदी की कमी आई है।साथ ही उपचाराधीन मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है जो वर्तमान में 18.95 लाख है।मंगलवार को रोजाना संक्रमण दर 6.62 फीसदी थी जो एक अप्रैल के बाद सबसे कम है।पॉल ने कहा कि एक ही व्यक्ति को अलग-अलग कंपनी के टीके लगाने का प्रोटोकॉल नहीं है और कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक लगाए जाने की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बच्चों में कोविड-19 संक्रमण के बारे में पॉल ने कहा कि अभी तक बच्चों में कोरोना वायरस ने गंभीर रूप अख्तियार नहीं किया है लेकिन अगर वायरस के व्यवहार में परिवर्तन होता है तो इसका प्रभाव उनमें बढ़ सकता है और इस तरह की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां जारी हैं। उन्होंने एलोपैथी पर योग गुरु रामदेव के बयान को लेकर चिकित्सकों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
 

End of Article