बची रहेगी अनिल देशमुख की कुर्सी, NCP नेता ने कहा- गृह मंत्री के इस्तीफे का सवाल नहीं उठता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 21, 2021, 10:44 PM IST

एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे का सवाल नहीं उठता। देशमुख पर मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

बची रहेगी अनिल देशमुख की कुर्सी, NCP नेता ने कहा- गृह मंत्री के इस्तीफे का सवाल नहीं उठता

नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के लिए राहत की खबर है। उनकी पार्टी एनसीपी के नेता जयंत पाटिल ने कहा है कि उनके इस्तीफे की आवश्यकता नहीं है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष और महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री जयंत पाटिल ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ दिल्ली में एक बैठक के बाद यह बयान दिया। पाटिल ने कहा, 'अनिल देशमुख के इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है। एटीएस (एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन केस) की जांच कर रही है और हमें विश्वास है कि दोषी को सजा दी जाएगी।'

देशमुख पर ठाकरे लें फैसला: पवार

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा देशमुख पर लगाए गए आरोपों के बीच राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार और जयंत पाटिल तथा शिवसेना के सांसद संजय राउत ने शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार को उनसे मुलाकात की। शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह के आरोप गंभीर हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस मामले निर्णय करेंगे। इन आरोपों की गहन जांच की जरूरत है। पवार ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य के गृह मंत्री पिछले वर्ष पुलिस बल में पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को फिर से बहाल करने के लिए जिम्मेदार हैं। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि सिंह के पत्र के बारे में उन्होंने ठाकरे से बात की है। उन्होंने कहा, 'मैं उद्धव ठाकरे को सुझाव दूंगा कि परमबीर सिंह के दावों पर गौर करने के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी जुलियो रिबेरो का सहयोग लें। हम कल तक देशमुख के संबंध में फैसला लेंगे।

सिंह ने दावा किया है कि देशमुख चाहते थे कि पुलिस अधिकारी बार एवं होटलों से प्रति महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली करें। देशमुख ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें आधारहीन बताया है। 

शिवसेना नेता संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों और सचिन वाजे प्रकरण के कारण राज्य सरकार की छवि को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही राउत ने कहा कि सभी सहयोगी दलों को आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि उनके पैर जमीन पर हैं या नहीं।
 

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