Mumbai cruise drug case: आर्यन खान ने सत्र अदालत में दी जमानत के लिए याचिका, सोमवार को हो सकती है सुनवाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 9, 2021, 09:24 PM IST

Aryan khan files bail application: ड्रग्‍स केस में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की ओर से सत्र अदालत में जमानत के लिए याचिका दी गई है, जिस पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। इससे पहले मजिस्‍ट्रेट कोर्ट ने आर्यन खान की जमानत पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।

Mumbai cruise drug case: आर्यन खान ने सत्र अदालत में दी जमानत के लिए याचिका, सोमवार को हो सकती है सुनवाई
Photo Credit: BCCL

मुंबई : ड्रग्‍स केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की ओर से मुंबई की एक सत्र अदालत में जमानत के लिए याचिका दी गई है। इस पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। एनसीबी को भी नोटिस मिला है और इस पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इससे पहले शुक्रवार को मुंबई की मजिस्‍ट्रेट कोर्ट ने यह कहते हुए आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था कि ये सुनवाई योग्‍य नहीं है।

बाद में यह जानकारी सामने आई कि आर्यन खान के वकील की ओर से मजिस्‍ट्रेट कोर्ट में याचिका दी गई थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि वह इस पर सुनवाई नहीं कर सकती। यह मामला फिलहाल सत्र अदालत के पास है और वही जमानत से जुड़े मामले की भी सुनवाई करेगी। अब आर्यन खान की ओर से उनके वकील ने शनिवार को सत्र अदालत में उनकी जमानत के लिए याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

फिल्‍म प्रोड्यूसर इम्तियाज खत्री से पूछताछ  

नार्कोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) ने इस केस में शाहरुख खान के ड्राइवर से भी पूछताछ की है। NCB ने इस मामले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे एजेंसी ने ड्रग सप्लायर बताया है। इसके साथ ही मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में गिरफ्तार लोगों की संख्‍या बढ़कर 19 हो गई है। NCB ने इस मामले में फिल्‍म प्रोड्यूसर इम्तियाज खत्री से शनिवार को 8 घंटे तक पूछताछ की। उन्‍हें सोमवार को भी इस मामले में जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।

वहीं, इस मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने NCB के अधिकारी समीर वानखेड़े और बीजेपी नेताओं के बीच 'कुछ बात' होने का दावा किया और कहा कि मुंबई तट से दूर एक क्रूज जहाज पर छापेमारी के बाद 8 से 10 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी, जबकि सच है कि 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था। लेकिन बाद में तीन को छोड़ दिया गया। उन्‍होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके निर्देश पर ऐसा किया गया।

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