मिर्जापुर: बिहार सरकार में मंत्री में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के मुखिया मुकेश साहनी ने उत्तर प्रदेश में 165 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार को परोक्ष रूप से धमकी देते हुए कहा कि बिहार में 4 सीट वाला अगर अपना पावर खींच लेगा तो सरकार गिर जाएगी। इस दौरान उन्होंने निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद पर भी जमकर निशाना साधा।
....तो गिर जाएगी बिहार सरकार
जनसभा को संबोधित करते हुए मुकेश साहनी ने कहा, 'आज बिहार में एनडीए की सरकार है। भले ही अपनी पार्टी के पास चार ही विधायक हैं लेकिन जितने 74 विधायक वाले के पास पावर है उतना ही चार विधायक वाले के पास भी पावर है। आपको मालूम होगा कि बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 विधायक जरूरी होते हैं और बिहार में 125 विधायक हैं। 74 वाले के पास जितना पावर है, 74 वाला अगर कल सरकार से हट जाए तो सरकार गिर जाएगी। उसी तरीके से 4 वाले के पास भी उतना ही ताकत कि अगर कल 4 विधायक हट जाएं तो बिहार की सरकार गिर जाएगी। ये ताकत है।'
बजट के समय उसी टेबल पर रहता है आपका बेटा
मुकेश साहनी ने आगे कहा, 'आज माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हमारी सरकार चल रही है। हमने वहां पर निषाद समाज का सिर गर्व से ऊंचा किया है और बिहार में निषाद का सरकार है। जहां पर भी जो समस्या है उसका हम निराकरण करते हैं। समाज के लिए मैं योजना बना रहा हूं, काम कर रहा हूं। जो योजना कभी नहीं बना था आज वो योजना बना रहा हूं क्योंकि वो सरकार हमारी है। आज बिहार में सवा दो लाख करोड़ रुपये का बजट बनता है और उस बजट के बनते समय आपका भाई, आपका बेटा सन ऑफ मल्लाह उस टेबल पर बैठे रहता है और उस बजट के बारे में बात करता है।'
हराने के लिए लड़ा जाएगा चुनाव
मुकेश साहनी ने कहा इस बार यूपी में 165 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किया जायेगा। यह चुनाव जीतने के लिए नहीं बल्कि निषाद मल्लाह बिरादरी की वोट को हथियाने वालों को हराने के लिए लड़ा जायेगा। साहनी ने कहा, 'हमें नहीं पता कि हम कितनी सीटें जीतेंगे लेकिन जो लोग निषाद को अपना जागीर समझ रहे हैं उन्हें उत्तर प्रदेश में कम से कम 100 सीट हारना पड़ेगा। मैं इस बार चुनाव जीतने के लिए भी नहीं हराने के लिए भी मैदान में उतरा हूं तांकि लोगों को लग जाए कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी निषाद समाज जागरूक हो गया है। संजय निषाद हमारे समाज से हैं उनका विरोध नहीं करता हूं, बल्कि उनकी नीतियों का विरोध करता हूं। वो पार्टी नहीं दुकान चला रहे हैं औऱ समय आने पर बड़े-बड़े दलों को ब्लैकमेल करते हैं। कोई एमलएसी बन जाता है, कोई सांसद बन जाता है तो कोई टिकट पा लेता है लेकिन समाज को बीच मझधार में छोड़ देते हैं।'

