दिसंबर तक 8 करोड़ किसानों का बनेगा डिजिटल डाटा, मोदी सरकार की ये है तैयारी

केंद्र सरकार दिसंबर 2021 तक 8 करोड़ किसानों का डाटा बैंक तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। जिससे सरकार को किसानों के बारें में विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके।

Farmers Database
सरकार किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार कर रही है  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • देश में इस समय 14 करोड़ किसान परिवार हैं। दिसंबर तक सरकार के पास देश के आधे से ज्यादा किसान परिवारों का डिजिटल डाटा होगा।
  • किसानों को 14 नंबर की यूनीक आईडी दी जाएगी, जिससे उनके बारे में सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
  • देश की 6 लाख गांवों की जमीन का तैयार हो चुका है डिजिटल रिकॉर्ड


नई दिल्ली:  एक तरफ किसान आंदोलन चल रहा है, दूसरी तरह मोदी सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण के लिए किसानों का तेजी से डाटा तैयार कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2021 तक 8 करोड़ किसानों का डाटा बैंक तैयार कर लिया जाय। जिससे सरकार को किसानों के बारें में विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके और उसके जरिए , जरूरी योजनाओं को बनाने से लेकर उनका लाभ पहुंचाना आसान हो सके। देश में इस समय 14 करोड़ किसान परिवार हैं। ऐसे में साफ है कि दिसंबर तक सरकार के पास देश के आधे से ज्यादा किसान परिवारों की डिजिटल डाटा उपलब्ध होगा।

क्या है योजना

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार किसानों का डाटाबेस तैयार करने को लेकर सोमवार को राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक बैठक हुई है। जिसमें दिसंबर 2021 तक 8 करोड़ किसानों का डाटाबेस तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 5 करोड़ किसानों का डाटा बेस तैयार हो चुका है। डाटा बेस तैयार होने पर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के लिए अपनी योजनाओं का पात्र किसान तक लाभ पहुंचाने की सहूलियत मिलेगी। डाटा बेस से सरकार को मूल्यांकन और आंकलन में सुविधा होगी। साथ ही फ्रॉड को रोकने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा किसानों का राष्ट्रीय स्तर पर डाटाबेस होने और जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड होने से किसानों के लिए इनपुट लागत कम करने, खेती करना आसान करने और फसलों की बेहतर कीमत दिलाने का सरकार का दावा है। इसके तहत बेहतर कर्ज देने की सुविधा और किसानों के आधार पर स्कीम बनाना भी शामिल है।

6 लाख गांवों का तैयार हो चुका है डिजिटल रिकॉर्ड

ग्रामीण मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार सरकार इस समय देश भर के गांवों में मौजूद जमीन का सरकार डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रही है। इसके तहत 6,56,190 गांवों में से 6 लाख के करीब गांवों की जमीन का भूमि रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है। जिसमें मध्य प्रदेश, सिक्किम, गोवा में यह काम 100 फीसदी पूरा हो चुका है। जबकि 18 राज्यों में 75 से 99 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है। जबकि शेष राज्यों में अभी काफी काम बाकी है।

किसानों को मिलेगी 14 नंबर की यूनीक आईडी

सरकार का लक्ष्य है कि अगले एक से दो साल में किसानों को 14 अंकों का एक यूनीक आइडेंटिफेकिशन नंबर जारी कर दिया जाय। इसके बाद सरकार के पास संपत्ति के किसी भी तरह के लेन-देन की जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा आंकड़ों को संबंधित विभागों को शेयर करना आसान हो जाएगा। अभी सरकार डीबीटी के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम- किसान) स्कीम का लाभ किसानों तक सीधे उनके बैंक खातों में जमा करा रही है। जिसके तहत अभी तक 11.37 करोड़ किसानों को 1.58 लाख करोड़ रूपए जमा कराए गए हैं।

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