शराब घोटाला में घिरे मनीष सिसोदिया का अब तक का सबसे बड़ा हमला, बोले- निरक्षरों की पार्टी है बीजेपी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2022, 04:48 PM IST

राजनीतिक गलियारों में सवाल पूछा जा रहा है कि जब आरोप शराब घोटाले को लेकर है तो आम आदमी पार्टी एजुकेशन की बात क्यों कर रही है। इन सबके बीच दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी तो निरक्षरों की पार्टी है। जहां जहां उनके लोगों के प्राइवेट स्कूल चल रहे हैं वहां सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है।

शराब घोटाला में घिरे मनीष सिसोदिया का अब तक का सबसे बड़ा हमला, बोले- निरक्षरों की पार्टी है बीजेपी

अपने डिप्टी यानी मनीष सिसोदिया को सीएम अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार बताते हैं। दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी को लेकर जब हंगामा शुरू हुआ तो आम आदमी पार्टी ने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे लेख का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने तो देश का नाम रोशन किया। दरअसल मनीष सिसोदिया की शिक्षा प्रणाली में सुधार से बीजेपी घबराई हुई है। बीजेपी जब शराब घोटाले की बात करती है तो आप से जुड़े लोग कहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था को बेपटरी करने की मुहिम चलाई जा रही है। इन सबके बीच एक बार फिर मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों को बंद करने की साजिश रची जा रही है। 

अनपढ़ों की पार्टी है बीजेपी
दिल्ली उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह (भाजपा) अनपढ़ों की पार्टी है और देश को अनपढ़ रखना चाहती है। अपने ही राज्यों में, उन्होंने कई सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया है। उन्हें जांच करनी चाहिए कि उनके शासन में इतने सारे सरकारी स्कूल क्यों बंद हो गए। 2015-2021 के बीच यानी सात वर्षों के दौरान 72000 से अधिक स्कूल बंद थे। 2018-19 में ही 51000 से अधिक बंद हो गए थे।

निजी स्कूलों के पीछे बीजेपी के विधायक

निजी स्कूल उन इलाकों में फल-फूल रहे हैं जहां वे (भाजपा) सरकारी स्कूल बंद कर रहे हैं, उन निजी स्कूलों का निर्माण उनके अपने विधायकों ने किया है। लगभग 12000 निजी स्कूल खोले गए हैं। 

चार साल पहले भी हुई थी छापेमारी
उन्होंने सीएम ऑफिस पर छापा मारा 4 साल पहले । उन्होंने 40 विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया, कुछ नहीं मिला। फिर फर्जी आबकारी नीति मामले में सीबीआई को मेरे घर भेज दिया, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। इसलिए उन्होंने अब कुछ नया शुरू किया है, बनाए गए स्कूलों पर। दिल्ली सरकार के स्कूल कई निजी स्कूलों से परे हैं।

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