बुरहान वानी की तरह वीडियो जारी करता था सज्जाद, सुरक्षाबलों के लिए बन गया था सिरदर्द

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 18, 2020, 09:51 AM IST

Sajjad Haider: सज्जाद महज 4 साल पहले ही आतंक की दुनिया में कदम रखा था। वह दहशत फैलाकर कुख्यात हो चुका था। वह बुरहान वानी की तरह घाटी के युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपने वीडियो जारी करता था।

बुरहान वानी की तरह वीडियो जारी करता था सज्जाद, सुरक्षाबलों के लिए बन गया था सिरदर्द
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बारामूला : जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के अभियान में इन दिनों हर रोज आतंकवादियों का सफाया हो रहा है। सुरक्षाबलों ने अपने ऑपरेशन में आतंकियों के सरगनाओं को मारकर उनकी कमर तोड़ दी है। घाटी में आतंकवादियों के मारने का सिलसिला जारी है। बारामूला में सोमवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। यहां मुठभेड़ में लश्कर ए तैयबा का कमांडर सज्जाद उर्फ हैदर मारा गया। हैदर की तलाश सुरक्षाबलों को लंबे समय से थी। हैदर स्थानीय स्तर पर युवाओं को गुमराह कर दहशतगर्दी के रास्ते पर धकेलता था। वह बहुत कुछ बुरहान वानी की स्टाइल में ऑपरेट करने लगा था। घाटी के युवकों को आकर्षित करने के लिए वह बुरहान की तरह अपना वीडियो भी जारी करता था। 

चार साल पहले आतंकी बना सज्जाद
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सज्जाद महज 4 साल पहले ही आतंक की दुनिया में कदम रखा था। वह दहशत फैलाकर कुख्यात हो चुका था। वह बुरहान वानी की तरह घाटी के युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपने वीडियो जारी करता था। बताया जाता है कि उसने कुछ दिनों तक हिज्बुल कमांडर रियाज नाइकू के तर्ज पर काम किया फिर वह बुरहान वानी के रास्ते पर निकल गया। पुलिस ने अभी तक 20 ऐसे युवकों को पकड़ा है, जिन्हें सज्जाद आतंकवाद के रास्ते पर लाया था। सज्जाद सुरक्षाबलों पर हमले में भी शामिल रहा है। उसके खिलाफ व्यापारियों से फिरौती वसूलने का केस भी दर्ज था।  

सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी
सज्जाद के मारे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा, 'बारामूला मुठभेड़ में लश्कर ए तैयबा का शीर्ष कमांडर सज्जाद उर्फ हैदर मारा गया। यह पुलिस एवं सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।' उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए और मौके से एक राइफल और दो पिस्टल बरामद हुए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बारामूला जिले के क्रीरी इलाके में संयुक्त गश्ती दल पर तीन आतंकवादियों ने हमला किया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के दो जवान शहीद हो गए।

मई में रियाज नाइकू मारा गया 
गत मई में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। अवंतीपुर जिले के बेगपोरा गांव में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर के दौरान हिज्बुल के कमांडर रियाज नाइकू  और उसके एक सहयोगी को ढेर कर दिया। नाइकू हिज्बुल का दुर्दांत आतंकवादी था। यह कश्मीर में कई हत्याओं एवं अपराध की अन्य घटनाओं में शामिल था। बताया जाता है कि रियाज मई 2012 में हिज्बुल में शामिल हुआ। इसके बाद वह बुरहान के करीब आया। आतंकवादी जाकिर मूसा अपना आतंकवादी संगठन अंसार गजवात उल हिंद बनाने के लिए हिज्बुल से अलग हो गया। इसके बाद रियाज ने जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल की कमान संभाली। सुरक्षाबलों ने पिछले साल मूसा को भी मार गिराया। 

दहशत फैलाने के लिए कीं हत्याएं
रियाज ने सुरक्षाबलों के खिलाफ हमले की साजिश रची और उन्हें निशाना बनाया। उसने एक तरीके से कश्मीर में हिज्बुल को नए सिरे से खड़ा किया। कई मौकों पर उसने पाकिस्तान के समर्थन में एवं अलगाववादी प्रोपगैंडा फैलाने के लिए वीडियो एवं ऑडियो जारी किए। उसने पुलिसकर्मियों, सुरक्षाबलों एवं नागरिकों पर सिलसिलेवार हमले किए। यही नहीं निर्दोष नागरिकों को पुलिस एवं सुरक्षाबलों का मुखबिर बताकर उनकी निर्दयता से हत्या भी की।

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