केरल मुस्लिम संगठन के नेता ने जेंडर-न्यूट्रल पॉलिसी की आलोचना की, कहा- स्कूलों में लड़के-लड़कियां का एक साथ बैठना खतरनाक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 19, 2022, 06:09 PM IST

Kerala: केरल सरकार की जेंडर-न्यूट्रल पॉलिसी की आलोचना करते हुए पीएमए सलाम ने केरल सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ये खतरनाक है। लड़कियों और लड़कों को कक्षाओं में एक साथ बैठने की क्या आवश्यकता है?

केरल मुस्लिम संगठन के नेता ने जेंडर-न्यूट्रल पॉलिसी की आलोचना की, कहा- स्कूलों में लड़के-लड़कियां का एक साथ बैठना खतरनाक

Kerala: केरल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के महासचिव प्रभारी पीएमए सलाम ने ये दावा करते हुए विवाद खड़ा कर दिया कि लड़कों और लड़कियों को स्कूल की कक्षाओं में एक साथ बैठने की अनुमति देना ''खतरनाक'' है। उनका ये बयान राज्य में जेंडर-न्यूट्रल एजुकेशन सिस्टम शुरू करने के राज्य सरकार के प्रयासों के बीच आया है।

स्कूलों में लड़के-लड़कियां का एक साथ बैठना खतरनाक- पीएमए सलाम 

केरल सरकार की जेंडर-न्यूट्रल पॉलिसी की आलोचना करते हुए पीएमए सलाम ने केरल सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ये खतरनाक है। लड़कियों और लड़कों को कक्षाओं में एक साथ बैठने की क्या आवश्यकता है? आप उन्हें क्यों मजबूर कर रहे हैं या ऐसे अवसर पैदा कर रहे हैं? इससे केवल समस्याएं ही होंगी। छात्र पढ़ाई से विचलित हो जाएंगे।

जेंडर न्यूट्रैलिटी एक नैतिक मुद्दा- पीएमए सलाम 

उन्होंने आगे कहा कि जेंडर न्यूट्रैलिटी एक धार्मिक मुद्दा नहीं बल्कि एक नैतिक मुद्दा है। सरकार छात्रों पर जेंडर न्यूट्रैलिटी थोपने की कोशिश कर रही है। जेंडर न्यूट्रैलिटी छात्रों को गुमराह करेगी। हम सरकार से इसे वापस लेने के लिए कहेंगे।

वहीं इससे पहले मुस्लिम संगठनों ने केरल सरकार से राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में 'जेंडर-न्यूट्रल आइडिया को थोपने' के कदम से हटने को कहा था। उन्होंने वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार पर शैक्षणिक संस्थानों में उदार विचारधारा को लागू करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
 

End of Article