बंगाल में सीएम उम्मीदवार की घोषणा से पीछे क्यों हट रही BJP, विजयवर्गीय ने बताई वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 21, 2021, 07:40 AM IST

West Bengal Elections 2021 : भाजपा भाजपा चुनाव से पहले पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं चाहती। उसे आशंका है कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने से पार्टी में आपसी खींचतान तेज हो सकती है।

बंगाल में सीएम उम्मीदवार की घोषणा से पीछे क्यों हट रही BJP, विजयवर्गीय ने बताई वजह
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नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी घोषणा की है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को कहा कि बंगाल चुनाव के लिए पार्टी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करेगी। भाजपा के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के प्रभारी विजयवर्गीय ने कहा कि पार्ट जिस राज्य में सत्ता में नहीं होती वहां के चुनाव में वह अपनी इसी रणनीति पर आगे बढ़ती है। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह कोई नहीं पूछने जा रहा है। भाजपा जिन राज्यों में सत्ता में नहीं होती उनमें ज्यादातर जगहों पर वह मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा नहीं करती है।' विजयवर्गीय के इस बयान से जाहिर होता है कि भाजपा चुनाव से पहले पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं चाहती। उसे आशंका है कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने से पार्टी में आपसी खींचतान तेज हो सकती है और इससे 'मिशन बंगाल' का अभियान कमजोर हो सकता है।  

सीएम उम्मीदवार की घोषणा इसलिए नहीं
विजयवर्गीय ने कहा, 'हरियाणा उत्तर प्रदेश और असम इसके उदाहरण हैं। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं होगी। चुनाव में बहुमत मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व और विधायक मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे। मैं बंगाल के लोगों को भरोसा देना चाहता हूं कि भाजपा की सरकार राज्य का चहुमुखी विकास करेगी। हम राज्य को अच्छा प्रशासन देंगे।' पश्चिम बंगाल में चुनाव का समय जैसे-जैसे नजीदक आ रहा है, राज्य में वैसे-वैसे राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। टीएमसी छोड़कर नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

'पीएम मोदी में भरोसा करने वाले नेता भाजपा में होंगे शामिल'
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी उन्हीं नेताओं को शामिल करेगी जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विकास की राजनीति में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, 'राज्य में ऐसे बहुत लोग हैं जो ममता बनर्जी से नाराज हैं और भाजपा में शामिल होना चाहता हैं लेकिन हम ऐसे नेताओं को स्वीकार नहीं करेंगे जो गाय तस्करी, रिश्वत एवं देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। हम भाजपा में उन नेताओं को शामिल करेंगे जो पीएम मोदी के नेतृत्व एवं विकास की राजनीति में यकीन करते हैं।' ममता सरकार पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि यह सरकार हिंसा का प्रतीक बन गई है। हर रोज भाजपा के कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं। ममता ने राज्य को अराजकता की तरफ ढकेल दिया है। 

23 जनवरी को कोलकाता आएंगे पीएम
भाजपा नेता ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी 23 जनवरी को कोलकाता आएंगे और विक्टोरिया हॉल में 'पराक्रम दिवस' की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा,'इस अवसर पर पीएम मोदी नेता जी को समर्पित एक म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे जो युवाओं को प्रेरित करेगा।' केंद्र सरकार ने हर साल 23 जनवरी को 'पराक्रम दिवस' मनाने का फैसला किया है।  

पार्टी में गुटबाजी नहीं चाहती भाजपा
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए अप्रैल-मई महीने में चुनाव होंगे। इस बार राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और टीएमसी के बीच माना जा रहा है। कुछ दिनों पहले टीएमसी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हुए। इससे ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा। पिछले कुछ महीनों में सांसद सहित कई विधायक टीएमसी का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। राज्य में भाजपा के पास स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा नेता नहीं है। राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा, यह सवाल हमेशा बना रहा है। बंगाल में भाजपा इस बार अच्छी स्थिति में दिखाई दे रही है। ऐसे में वह मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर चुनाव से पहले आंतरिक गुटबाजी को हवा नहीं देना चाहती। उसका पूरा ध्यान अभी चुनाव जीतने पर है। 

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