वीरेश कुमार भावरा बने पंजाब के नए DGP, पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के बाद बड़ा बदलाव

Viresh Kumar Bhawra: पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के बाद बड़ी बदलाव हुआ है। पंजाब में नए डीजीपी की नियुक्ति हुई है। वीरेश कुमार भावरा को नया डीजीपी बनाया गया है।

Viresh Kumar Bhawra
वीरेश कुमार भावरा  
मुख्य बातें
  • वीरेश कुमार भावरा को पंजाब का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया
  • सूची में आईपीएस अधिकारियों दिनकर गुप्ता और प्रबोध कुमार का भी नाम था
  • आदेश में कहा गया कि भावरा का कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष का होगा

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के बाद चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। यूपीएससी से प्राप्त पैनल के विचार के आधार पर IPS वीरेश कुमार भावरा को पंजाब का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है। वीरेश कुमार भावरा 3 महीने में तीसरे DGP बने हैं। भावरा 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक बैठक की थी जिसमें इस शीर्ष पद के लिए तीन अधिकारियों को सूचीबद्ध किया गया था। भावरा के अलावा पूर्व पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता (1987 बैच के) और 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रबोध कुमार भी इसमें शामिल थे।

भावरा को फरवरी 2019 में गुप्ता की जगह पंजाब पुलिस खुफिया प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था, जिन्होंने तब पंजाब के डीजीपी के रूप में पदभार संभाला था। पंजाब के राज्यपाल ने आदेश में कहा कि संघ लोक सेवा आयोग से प्राप्त पैनल के विचार पर पंजाब के राज्यपाल आईपीएस वीरेश कुमार भवरा को पुलिस महानिदेशक के रूप में नियुक्त करते हुए प्रसन्न हैं। उनका कार्यकाल भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 3 जुलाई, 2018 के आदेशों के अनुसरण में पदभार ग्रहण करने की तिथि से न्यूनतम दो वर्ष की अवधि के लिए होगा।

कार्यवाहर पंजाब डीजीपी और राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिद्धू की पसंद 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय पैनल में जगह नहीं बना सके थे क्योंकि यूपीएससी ने आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार करने के लिए 5 अक्टूबर को कट-ऑफ तारीख माना था। इससे पहले सिद्धू के दबाव के बाद कांग्रेस सरकार ने 30 सितंबर को यूपीएससी को 10 अधिकारियों का एक पैनल भेजा था और चट्टोपाध्याय को शीर्ष पद की दौड़ में बनाए रखना सुनिश्चित किया था। मानदंड अनिवार्य है कि पद के लिए विचार किए जाने वाले किसी भी अधिकारी के पास छह महीने की सेवा अवधि शेष होनी चाहिए। चट्टोपाध्याय 31 मार्च, 2022 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

'IM, लश्कर से है PM मोदी की जान को खतरा', SPG ने 3 जनवरी को ही पंजाब के DGP को लिखी थी चिट्ठी

हालांकि, यूपीएससी ने अधिकारियों के पैनल पर विचार करने के लिए कट-ऑफ तारीख पर स्पष्टीकरण मांगा। इसमें कहा गया है कि गुप्ता ने 5 अक्टूबर को राज्य के डीजीपी का पद छोड़ दिया था, इसलिए उस तारीख को कट-ऑफ तारीख माना जाएगा। 

PM की मोदी सुरक्षा चूक पर शुरुआती जांच रिपोर्ट आई, पंजाब सरकार ने भेजी 2 पन्ने की रिपोर्ट

Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर