चीन की हिमाकत को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब, लद्दाख की चोटियों पर कंधे से मिसाइल दागने वाली टुकड़ी तैनात

देश
आलोक राव
Updated Aug 25, 2020 | 15:01 IST

India deploys troops on heights near China border: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की किसी भी हिमाकत का जवाब देने की सेना ने पुरजोर तैयारी की है। चीन सीमा के समीप चोटियों पर सेना की टुकड़ी तैनात हो गई है।

Indian troops with shoulder-fired air defence missiles deployed on heights near China border
चीन सीमा के निकट कंधे से मिसाइल दागने वाली टुकड़ी तैनात। -फाइल फोटो  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • एलएसी के समीप चीन के हेलिकॉप्टरों की बढ़ती गतिविधियां देख सेना ने तैनात की अपनी टुकड़ी
  • सेना की टुकड़ी नजदीक आए दुश्मन देश के लड़ाकू विमानों को अपनी मिसाइल से मार गिराती है
  • गत 15 जून की गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद भारत और चीन के रिश्तों में तनाव आ गया है

नई दिल्ली : लद्दाख सहित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की तरफ से होने वाली किसी भी गुस्ताखी का जवाब देने के लिए भारतीय फौज ने पुरजोर तैयारी की है। हाल के दिनों में सीमा पर चीन के हेलिकॉप्टरों की गतिविधियों में तेजी आई है जिसके बाद सेना ने लद्दाख की ऊंची चोटियों पर ऐसी टुकड़ी की तैनाती की है जो अपने कंधे से एयर डिफेंस मिसाइल फायर करने की क्षमता रखती है। 

रुस निर्मित है यह घातक मिसाइल
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा, 'रूस द्वारा निर्मित एग्ला एयर डिफेंस सिस्टम से लैस फौज की टुकड़ी को सीमा पर स्थित ऊंची चोटियों पर तैनात किया गया है। ये टुकड़ी भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन करने की कोशिश करने वाले लड़ाकू विमानों को सबक सिखाएगी।' रूस द्वारा निर्मित इस एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल सेना और वायु सेना दोनों करते हैं। युद्ध के समय दुश्मन देश के हेलिकॉप्टर एवं लड़ाकू विमान जब सैन्य ठिकानों एवं तैनात फौज के करीब आते हैं तो इस मिसाइल का इस्तेमाल किया जाता है।

गलवान घाटी की हिंसा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी
गत पांच जून को गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों के बीच खूनी हिंसा हुई। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी तल्खी आ गई है। चीन ने लद्दाख एवं एलएसी पर अपने सैनिकों, लड़ाकू विमानों एवं भारी हथियारों का जमावड़ा किया है। चीन की किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए भारत ने अपनी जवाबी तैयारी की है। एलएसी पर चीन की सेना पीएलए की हरकतों पर नजर रखने के लिए भारतीय सेना ने इस इलाके में रडार सिस्टम में इजाफा एवं अपने निगरानी तंत्र को मजबूत किया है।   

गतिरोध के स्थलों पर चीनी हेलिकॉप्टर आए हैं नजर
हाल के दिनों में सेना ने पाया है कि पूर्वी लद्दाख के गतिरोध वाली जगहों पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 एवं अन्य स्थानों के समीप चीनी हेलिकॉप्टरों ने भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश की है।  भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन करने की चीन की मंशा को भांपते हुए वायु सेना ने मई महीने के पहले सप्ताह में ही अपने सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों की तैनाती पूर्वी लद्दाख में कर दी।

एलएसी के समीप अपने वायु सेना ठिकानों को चीन ने किया सक्रिय
हाल के दिनों में चीन ने तिब्बत एवं एलएसी के करीब स्थित अपने वायु सेना के ठिकानों को सक्रिय किया है। भारतीय वायु सेना उसके होटान, गार गुंसा, काशगर, हॉपिंग, कोंका, जोंग, लिंझी एवं पंगाट एयरबेस की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। पीएलए ने इन एयरबेस को अपग्रेड किया है और कुछ एयरबेस में रनवे का विस्तार किया है। इसके जरिए पीएलए ने एलएसी के समीप अपनी सैन्य क्षमताओं को विस्तार देने की कोशिश की है। लिंझी में चीन का हेलिकॉप्टर बेस है। यहां उसने नए हेलिपैड्स बनाए हैं।

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