International Dog Day:बेहद जांबाज था सेना का 'शहीद कुत्ता', ढूंढ निकाला था छिपे आंतकियों को, मरणोपरांत मिला 'वीरता पुरस्कार' 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 26, 2022, 06:00 AM IST

Gallantry Award to Army Dog: इस बार एक आर्मी डॉग एक्सल (Army dog Axel) को भी वीरता पुरस्कार मिला है यह सम्मान उसे मरणोपरांत दिया गया है।

International Dog Day:बेहद जांबाज था सेना का 'शहीद कुत्ता', ढूंढ निकाला था छिपे आंतकियों को, मरणोपरांत मिला 'वीरता पुरस्कार' 

भारतीय सेना के कुत्ते एक्सल (Indian Army dog Axel)) को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो आतंकवाद विरोधी अभियान में मारा गया था,हाल के वर्षों में यह सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है जो सेना के एक कुत्ते को काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन में प्रदान की गई सेवाओं के लिए मिला है। राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के साथ एक तलाशी अभियान में भाग लेने के दौरान 30 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए एक्सल नाम के दो वर्षीय सेना के कुत्ते को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार मेंशन-इन-डिस्पैच (Mention-in-Despatches) से सम्मानित किया गया है।

यह एक प्रतिष्ठित और मेधावी सेवा को पहचान वाला, कीर्ति चक्र और अशोक चक्र के बाद भारत का दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।  सेना के कुत्तों को आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनकी उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया जाता है।

गौर हो कि सेना के कुत्ते एक्सल को कश्मीर के बारामूला जिले में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान एक आतंकवादी ने गोली मार दी थी। उसका नाम 42 'मेंशन-इन-डिस्पैच' की सूची में शामिल किया गया। 

एक्सल कश्मीर घाटी में 26 आर्मी डॉग यूनिट में सेवारत था

एक्सल कश्मीर घाटी में 26 आर्मी डॉग यूनिट में सेवारत था और 29 राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान एक सर्च मिशन में तैनात किया गया था। 

आर्मी डॉग 'एक्सल' गया था बिल्डिंग क्लीयरेंस के लिए 

एक बिल्डिंग क्लीयरेंस ऑपरेशन के दौरान, शुरू में सेना के एक अन्य कुत्ते 'बालाजी' को बिल्डिंग इंटरवेंशन के लिए भेजा गया और कॉरिडोर को अंदर से साफ किया गया उसके बाद, एक्सल को तैनात किया गया था एक्सल उस बिल्डिंग के अंदर गया जहां आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना थी।

आतंकवादियों को देखकर 'एक्सल' ने उनके ऊपर भौंकना शुरू किया 

एक्सल पहले एक कमरे के अंदर गया वहां से वह जैसे ही दूसरे कमरे में गया, उसकी नजर आतंकवादी पर पड़ी। आतंकवादियों को देखकर एक्सल ने उनके ऊपर भौंकना शुरू किया और हमला करने का प्रयास किया, तभी आतंकियों ने एक्सल पर ताबडतोड़ गोलियां चलाईं। गोली लगने के कुछ क्षणों तक एक्सल आतंकियों से भिड़ा रहा लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गया।

'एक्सल' को दस से अधिक गोली के घाव थे

54 आर्मी के पशु चिकित्सा अस्पताल में किए गए एक्सल के बाद के पोस्टमार्टम से पता चला कि उसे दस से अधिक गोली के घाव थे और फीमर का फ्रैक्चर था।

उसे 26 आर्मी डॉग यूनिट के यूनिट ग्राउंड में दफनाया गया

एक्सल को मुख्यालय 10 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया जहां राष्ट्रीय राइफल्स के Kilo Force के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। बाद में उसे 26 आर्मी डॉग यूनिट के यूनिट ग्राउंड में दफनाया गया।

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