चीन के चेंग्दू J-20, पाकिस्‍तान के F-16 पर भारी है भारत का Rafale, जानें किसमें कितना है दम

देश
श्वेता कुमारी
Updated Jul 31, 2020 | 16:14 IST

India vs China vs Pakistan: राफेल विमानों से भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ी है। इसे चीन के बहु‍चर्चित चेंग्दू J-20 और पाकिस्‍तान के F-16 से भी उम्‍दा व सटीक मारक क्षमता वाला बताया जा रहा है।

चीन के चेंग्दू J-20, पाकिस्‍तान के F-16 पर भारी है भारत का Rafale, जानें किसमें कितना है दम
चीन के चेंग्दू J-20, पाकिस्‍तान के F-16 पर भारी है भारत का Rafale, जानें किसमें कितना है दम  |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • फ्रांस के साथ हुए समझौते के तहत भारत को फिलहाल 5 राफेल लड़ाकू विमान मिले हैं
  • राफेल लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना के लिए 'गेम चेंजर' बताया जा रहा है
  • इसे चीन के चेंग्दू J-20 और पाकिस्‍तान के F-16 से भी अधिक उम्‍दा बताया जाता है

नई दिल्‍ली : राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंच गए हैं, जिसे आकाश में भारतीय वायुसेना की बड़ी ताकत के तौर पर देखा जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि भारतीय वायुसेना के लिए यह विमान 'गेम चेंजर' साबित होगा और इसे लेकर पाकिस्‍तान तथा चीन के माथे पर अभी से बल पड़ने शुरू हो गए हैं। राफेल को पाकिस्‍तानी व चीनी वायुसेना के पास मौजूद अब तक के सभी उन्‍नत लड़ाकू विमानों से भी बेहतर बताया जा रहा है।

भारत को मिले हैं 5 राफेल

राफेल 27 जुलाई को फ्रांस के मेरिगनेक एयरबेस से उड़ान भरने के बाद यूएई के अल धफरा एयरबेस पर कुछ समय के ब्रेक के बाद लगभग 8500 किलोमीटर की दूरी तय कर 29 जुलाई को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा। भारत को फ्रांस से फिलहाल पांच लड़ाकू विमान मिले हैं, जबकि अन्‍य विमानों की आपूर्ति आने वाले कुछ समय में होगी। जबसे ये विमान अंबाला पहुंचे हैं, न केवल भारत में इसे लेकर उत्‍साह है, पाकिस्‍तान में भी इसे लेकर कम उत्‍सुकता नहीं है। गूगल ट्रेंडस से पता चलता है कि पाकिस्तान में भी इसे खूब सर्च किया गया।

राफेल के आगे नहीं ठहरते चीनी, पाक विमान

अब भारत, पाकिस्‍तान और चीन की वायुसेना की ताकत की अगर तुलना की जाए तो फिलहाल भारत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। इसे चीनी वायुसेना के पास मौजूद चेंग्दू J-20 और पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 व JF-17 जेट से भी तेज व सटीक मारक क्षमता वाला बताया जा रहा है। राफेल को अब तक का सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान बताया जा रहा है, जिसके आगे पाकिस्‍तान और चीन के कोई भी लड़ाकू विमान नहीं ठहरते। 

IAF दुनिया की चौथी ताकतवर वायुसेना

बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना में 18 साल बाद कोई नया लड़ाकू विमान शामिल हुआ है। इससे पहले साल 2002 में सुखोई (Su-30MKI) भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ था और अब करीब दो दशकों बाद उच्‍च क्षमता का राफेल इससे जुड़ा है। भारतीय वायुसेना इस वक्‍त दुनिया में चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना है, जिसके बेड़े में राफेल के अतिरिक्‍त MiG-29, मिराज 2000, अपग्रेडेड जगुआर, SU-30 MKI, MiG-21 BISON, तेजस जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। ये सभी दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।

चीन से बेहतर स्थिति में भारत

वहीं, चीन की वायुसेना को इस वक्‍त दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी एयरफोर्स बताया है, जिसके पास चेंग्दू जे-20 सहित बड़ी संख्‍या में स्ट्रीम एयरक्राफ्ट, कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और मॉडर्न लॉन्चर भी हैं। हालांकि राफेल को इन सबके मुकाबले बेहतर बताया जा रहा है।

पाकिस्‍तान भी भारत से पीछे

पाकिस्‍तान से भारतीय वायुसेना के मुकाबले की बात करें तो यह कहीं बेहतर नजर आती है। पाकिस्‍तानी वायुसेना के बेड़े में जो प्रमुख लड़ाकू विमान शामिल हैं, उनमें F-16 और JF-17 का  खास तौर पर जिक्र होता है। इसके अतिरिक्‍त MiG-19, MiG-21-S, मिराज IIIs, 90 मिराज Vs और F-7s भी पाकिस्‍तानी वायुसेना के पास हैं। लेकिन राफेल को हर लिहाज से इन विमानों के मुकाबले उम्‍दा बताया जा रहा है। ऐसे में साफ है कि भारतीय वायुसेना इस वक्‍त अपने दोनों पड़ोसी मुल्‍कों पाकिस्‍तान और चीन से दमखम के मामले में बेहतर स्थिति में है।

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