चुशूल-मोल्डो बॉर्डर पर 12वें दौर की वार्ता पूरी, LAC के लंबित मुद्दों पर बातचीत तेज करेंगे भारत-चीन  

India-China talk : भारत-चीन पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर स्थिरता बनाए रखने के लिए अपना प्रभावी प्रयास जारी रखने और संयुक्त रूप से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। 

India China agree to resolve LAC's remaining issues in an expeditious manner
भारत और चीन के बीच हुई सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता। -फाइल फोटो  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • एलएसी पर विवाद एवं तनाव खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं भारत और चीन
  • दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच 12वें दौर की वार्ता मोल्डो-चुशूल में पूरी हुई है
  • हॉट स्प्रिंग, गोगरा के इलाकों से पीछे नहीं हटे हैं चीनी सैनिक, बातचीत चलती रहेगी

नई दिल्ली : वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन बीते एक साल से कमांडर स्तर की बातचीत कर रहे हैं। इसी क्रम में दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच 12वें दौर की वार्ता सोमवार को भारतीय सीमा में चुशूल-मोल्डो बॉर्डर पर पूरी हुई। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक भारत और चीन मौजूदा करारों एवं प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एलएसी के लंबित मुद्दों को हल निकालने के लिए बातचीत की अपनी प्रक्रिया तेज करेंगे और वार्ता एवं बातचीत की जो पहल चल रही है उसे आगे बनाए रखेंगे। इस दौरान दोनों देश पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर स्थिरता बनाए रखने के लिए अपना प्रभावी प्रयास जारी रखने और संयुक्त रूप से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। 

दोनों देशों के बीच शनिवार को शुरू हुई वार्ता
दोनों देश के सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत का यह दौर गत शनिवार को शुरू हुआ। लद्दाख में एलएसी के कई स्थानों को लेकर दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। शनिवार को हुई वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजी के मेनन और चीन की ओर से दक्षिणी शिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के चीफ ने किया। 

शनिवार को 9 घंटे चली बैठक
भारतीय सीमा में दोनों सैन्य कमांडर के बीच यह बैठक सुबह 10.30 बजे शुरू हुई और इसका समापन रात 7.30 बजे हुआ। इससे पहले भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच 9 अप्रैल को वार्ता हुई थी। गलवान घाटी की घटना के बाद एलएसी पर टकराव खत्म करने के लिए दोनों देश पैंगोंग लेक के पास से अपनी सेना पीछे हटाने के लिए सहमत हुए। एलएसी के फिंगर इलाकों में गत फरवरी से सैनिक पीछे हटने शुरू हुए लेकिन हॉट स्प्रिंग, गोगरा सहित अन्य स्थलों पर गतिरोध बना हुआ है। चीन इन बिंदुओं से पीछे हटने में आना-कानी करता आया है।     

हॉट स्प्रिंग, गोगरा से पीछे नहीं हटे हैं चीनी सैनिक
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हाल के दिनों में हॉट लाइन पर सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत हुई है और इस बातचीत में 'सकारात्मक संकेत मिले हैं।' सूत्रों का कहना है कि चीनी सैनिक हॉट स्प्रिंग, गोगरा के फिंगर प्वांइट्स 15, 17, 17 ए से पीछे हटने पर सहमत हो सकते हैं।  

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