पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह बोले- संविधान के अनुसार लिया जायेगा निर्णय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 17, 2020, 11:10 PM IST

Home Minister Amit Shah on West Bengal: गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दावा किया है कि पश्चिम बंगाल  में अगले विधानसभा चुनावों में बीजेपी सरकार बनाएगी।

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह बोले- संविधान के अनुसार लिया जायेगा निर्णय

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि राज्यपाल  की रिपोर्ट और संविधान को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन  लागू करने का फैसला किया जाएगा। अमित शाह ने एक 'निजी चैनल' को दिए इंटरव्यू में कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है और सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि यहां पर विपक्षी नेताओं को मारा जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। एक सवाल के जवाब में तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि बीजेपी नेताओं की राष्ट्रपति शासन की मांग गलत नहीं है।

अमित शाह ने कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है, जहां तक भारत सरकार के राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले लेने का संबंध है, हमें इसके लिए भारतीय संविधान और राज्यपाल की रिपोर्ट के माध्यम से इस पर विचार करने की जरूरत है।

अमित शाह ने कहा, 'वहां बम बनाने के कारखाने हर जिले में है, भ्रष्टाचार चरम पर है, बहुत खराब स्थिति है,विपक्ष के कार्यकर्ताओं की हत्या जिस तरह हो रही है वो कहीं और नहीं है, हम डट कर लड़ेंगे और चुनाव जीतेगें।' शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कोरोना महामारी से निपटने पर भी असंतोष व्यक्त किया।

'पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त'

बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक हत्याओं और विपक्षी नेताओं पर झूठे मामलों में मुकदमे दर्ज करने पर चिंता जताते हुए, अमित शाह ने कहा, 'देखिए, पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है, भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, हर जिले में बम बनाने के कारखाने हैं। स्थिति बेहद खराब है और हिंसा अभूतपूर्व है।'

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान आया कोई ढंग की व्यवस्था नहीं की गई। अनाब सनाब बजट घोटालों में चला गया। केंद्र की ओर से जो अनाज भेजा गया वो भी घोटालों की भेंट चढ़ गया। कोरोना के लिए भी जिस प्रकार के बंदोबस्त होने चाहिए थे वो नहीं हुए।'
 

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