आज का इतिहास: 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को फांसी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 23, 2021, 05:30 AM IST

History of March 23: 90 साल पहले यानी 23 मार्च 1931 को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च को ही फांसी दी गई थी।

आज का इतिहास: 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को फांसी

नई दिल्ली: देश और दुनिया के इतिहास में यूं तो कई महत्वपूर्ण घटनाएं 23 मार्च की तारीख पर दर्ज हैं....लेकिन भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु और सुखदेव को फांसी दिया जाना भारत के इतिहास में दर्ज इस दिन की सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। वर्ष 1931 में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च को ही फांसी दी गई थी।

वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर की बात करें तो 1956 में 23 मार्च के दिन जहां पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामिक गणतंत्र बना, वहीं 1996 में ताइवान में पहली बार प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव हुए।
देश-दुनिया के इतिहास में 23 मार्च की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-

1351 : मोहम्मद तुगलक के भतीजे फिरोज शाह तुगलक तृतीय को राजगद्दी पर बिठाया गया।
1757 : क्लाइव ने चंद्रनगर को फ्रांस के आधिपत्य से छीना।
1880 : भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता बसंती देवी का जन्म।
1910: स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक एवं समाजवादी राजनेता डॉ राममनोहर लोहिया का जन्म।
1931: भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी दी।
1940 : मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान प्रस्ताव को मंजूरी दी।
1956 : पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामिक गणतंत्र देश बना।
1986 : केन्द्रीय आरक्षी पुलिस बल की पहली महिला कंपनी दुर्गापुर शिविर में गठित की गई।
1996: ताइवान में पहला प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव हुआ, जिसमें ली तेंग हुई राष्ट्रपति बने।
2020 : कोरोना वायरस के मामले 433 हुए : महाराष्ट्र, पंजाब में कर्फ्यू, भारत के अधिकतर हिस्सों में लॉकडाउन।








End of Article