17 जनवरी का इतिहास: यूएन की वो बैठक जो इतिहास में दर्ज हो गई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 17, 2021, 06:12 AM IST

आज का इतिहास: 17 जनवरी का दिन इसलिए खास है क्योंकि 1946 में दुनिया के लोकतांत्रिक मंदिर यानी यूएन में सुरक्षा परिषद की पहली बैठक हुई थी।

17 जनवरी का इतिहास: यूएन की वो बैठक जो इतिहास में दर्ज हो गई

नयी दिल्ली। वर्ष के 365 दिन इतिहास की किताब के 365 पन्ने हैं और हर पन्ने में उस तारीख की अच्छी बुरी घटनाएं दर्ज हैं। इस लिहाज से वर्ष का यह 17वां दिन भी कोई अपवाद नहीं है। इस दिन कई महत्त्वपूर्ण घटनाएं घटीं, जो इतिहास का हिस्सा बनीं।दुनिया में शांति और सुरक्षा की संरक्षक मानी जाने वाली सर्वोच्च संस्था संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख इकाई सुरक्षा परिषद् की पहली बैठक 17 जनवरी 1946 को हुई और इस दिन को इतिहास का हिस्सा बना गई।
सुरक्षा परिषद् संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। विश्व में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सुरक्षा परिषद् के पास अहम कदम उठाने और दण्ड देने के अधिकार हैं। संयुक्त राष्ट्र के नए सदस्य बनाने का अधिकार इसी को है।
देश दुनिया के इतिहास में 17 जनवरी की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-
1601 : मुग़ल बादशाह अकबर ने असीरगढ़ के अभेद्य किले में प्रवेश किया।
1917 : दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता तथा बाद में सक्रिय राजनीति में आकर सफलता हासिल करने वाले एम जी रामचन्द्रन का जन्म।
1923 : हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव का जन्म।
1941 : सुभाषचन्द्र बोस ब्रिटिश हुकूमत को गच्चा देकर कलकत्ता से जर्मनी के लिए रवाना हुए।
1945 : हिन्दी फ़िल्मों के गीतकार एवं पटकथा लेखक जावेद अख़्तर का जन्म।
1946 : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की पहली बैठक ।
1948 : नीदरलैंड तथा इंडोनेशिया संघर्ष विराम पर सहमत।
1987 : टाटा फुटबॉल अकादमी की शुरूआत।
1989 : कर्नल जे के बजाज उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।
2010 : भारत के प्रसिद्ध मार्क्सवादी राजनीतिज्ञ ज्योति बसु का निधन।











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