Hindi Diwas 2022: हिंदी दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। इसे भारत की मातृभाषा माना जाता है। वहीं भारत हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाता है। चूंकि ये दुनिया की चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली पहली भाषा है, इसलिए आश्चर्यजनक रूप से ग्लोबल लीडर्स ने भारतीय मूल के लोगों से जुड़ने के लिए हिंदी बोलने की कोशिश की है। ये हैं वह कुछ नेता जिन्होंने हिंदी में बात कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
बराक ओबामा
साल 2015 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी भारत यात्रा के दौरान उस समय सभी को चौंका दिया, जब उन्होंने दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में अपने सार्वजनिक भाषण में 'बहुत धन्यवाद' और 'जय हिंद' जैसे शब्द इस्तेमाल किए। इतना ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बराक ओबामा ने सभी का अभिवादन करते हुए नमस्ते कहा। मेरा प्यार भरा नमस्कार। वहीं उन्होंने बैठक का समापन 'चले साथ-साथ' कहकर किया।
डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले दुनिया को चौंका दिया जब उन्होंने अपने कैंपेन एड के लिए पीएम मोदी के मेन कैंपेन स्लोगन का इस्तेमाल किया, जो था 'अब की बार, मोदी सरकार'। ये वे शब्द थे जिनका इस्तेमाल नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में अपनी प्रचंड जीत के लिए किया था और डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'अब की बार, ट्रंप सरकार' में बदल दिया। एक दिन पहले ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के संबंधों पर कहा कि भारत अमेरिका सबसे अच्छे दोस्त। दरअसल इंटरव्यू में ट्रंप ने ये बात कही है और उस इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप वायरल हो गई है।
डेविड कैमरन
14 नवंबर, 2015 को लंदन के वेम्बली स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिचय कराते हुए ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने उनका 'अच्छे दिन' नारे का इस्तेमाल किया था। कैमरन ने भारतीय समुदाय के 60,000 सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे दिन आने वाले हैं, मोदी अच्छे दिन जरूर आएंगे।
अब्दुल्ला शाहिद
सितंबर, 2020 में मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए द्वीप राष्ट्र को प्रदान की गई वित्तीय सहायता के लिए भारत को धन्यवाद दिया। हिंदी में अपना आभार व्यक्त करते हुए शाहिद ने कहा कि पूरी दुनिया को पहले कभी न देखे गए संकट का सामना करना पड़ रहा है। हम एक ऐसे दुश्मन के खिलाफ हैं जिसे हम देख नहीं सकते। हम दुश्मन द्वारा पेश किए गए खतरों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।

