'MSP अगर खत्म करने की कोशिश तो छोड़ दूंगा राजनीति', मनोहर खट्टर का किसानों को भरोसा

किसानों के विरोध के बीच हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अगर कोई एमएसपी को खत्म करने की कोशिश करता है तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

manohar lal khattar
खट्टर ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी और नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध पर चर्चा की थी 

चंडीगढ़: देश में जारी किसान आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारी किसानों को आश्वस्त करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अगर किसी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को खत्म करने की कोशिश की तो वे राजनीति छोड़ देंगे।

पंजाब, हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों के हजारों किसान राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न बॉर्डर के पास तीन सप्ताह से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और ये अभी भी जारी है, जिसमें नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की गई, वहीं सत्ता पक्ष ने दावा किया है कि वे किसानों के लाभ के लिए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने खट्टर के हवाले से कहा, "एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) हमेशा रहेगा। अगर कोई इसे खत्म करने की कोशिश करता है, तो मनोहर लाल खट्टर राजनीति छोड़ देंगे। एमएसपी खत्म नहीं होगी।"

इससे पहले दिन में, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कृषि कानूनों का बचाव किया और दावा किया कि कुछ लोग "राजनीतिक कारणों" के कारण इनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में, हालांकि सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है, लेकिन सड़कों को अवरुद्ध करके दबाव डालने की कोई जगह नहीं है।

किसान आंदोलन पर खट्टर मिले थे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से 

खट्टर ने शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की और नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध पर चर्चा की। यह बैठक भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के हरियाणा के रोहतक में किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के एक दिन बाद हुई। सूत्रों ने कहा कि दोनों नेताओं ने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे विरोध और जल्द से जल्द इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चर्चा की। उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि यह चर्चा अगले 2-3 दिनों में हो सकती है। इस मुद्दे (किसानों के विरोध) का हल चर्चा के माध्यम से मिलना चाहिए। मैंने कहा है कि इस मुद्दे को जल्द हल किया जाना चाहिए।"

किसान आज एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे

इस बीच केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में अपने आंदोलन को तेज करते हुए किसान सभी प्रदर्शन स्थलों पर आज एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। वहीं इस बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है और कहा है कि वे इसकी तिथि तय करें। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने इस संदर्भ में किसानों के संगठनों को एक पत्र लिखा है। किसानों से वार्ता के लिए सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में मंत्रिस्तरीय एक समिति गठित की थी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सोमप्रकाश इसके सदस्य हैं। 

'मन की बात के दौरान बजाएं थाली'

रविवार को किसानों ने घोषणा की कि 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी राजमार्गों पर टोल वसूली नहीं करने देंगे। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला ने बताया कि 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी टोल बूथ पर हम टोल वसूली नहीं होने देंगे, हम उन्हें ऐसा करने से रोकेंगे। 27 दिसंबर को हमारे प्रधानमंत्री अपने 'मन की बात' करेंगे और हम लोगों से अपील करना चाहते हैं कि उनके भाषण के दौरान थालियां बजाएं। 

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